कानपुर में घर पर मामूली विवाद हुआ था। इसलिए किसी को अंदाजा भी नहीं था कि चंद घंटे बाद राजेंद्र की मौत हो जाएगी। परिजन बोले पुलिस की पिटाई से तबीयत बिगड़ी। शुरुआत में कोई सूचना नहीं दी। भोर में पुलिस वालों ने फोन कर कहा कि खून का इंतजाम करो, राजेंद्र की हालत खराब है। इसके बाद वह सीधे अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर राजेंद्र को मृत घोषित कर चुके थे।
राजेंद्र की बेटी अनीता और बेटे रजत ने बताया कि रात में उन्होंने कई बार पिता के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस वाले कोई जवाब नहीं दे रहे थे। जब वे बेजान हो गए तब सूचना दी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि थाने में पिटाई के बाद जब राजेंद्र की तबीयत खराब हुई थी, उसके बाद पुलिसकर्मी उनको एक दो घंटे तक इधर-उधर घुमाते रहे थे। परिजनों के आरोपों का पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है।