कानपुर के बाबूपुरवा में हिंसा के पहले भड़काऊ भाषण देने वाले से रविवार को डीएम व एसएसपी ने आधा घंटा पूछताछ की। युवक ने भड़काऊ भाषण देने की बात से इनकार कर दिया है। फिलहाल उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उसके खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं। एस-10 सदस्यों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
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कानपुर में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार दोपहर जुमे की नमाज के बाद बाबूपुरवा में हिंसा हुई थी। इसमें 13 प्रदर्शनकारियों को गोली लगी थी और तीस से अधिक लोग घायल हुए थे। पुलिस ने जांच की, तो पता चला था कि भीड़ को एक शख्स ने संबोधित किया था। उसने भीड़ को बवाल करने के लिए उकसाया था।
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नागरिकता कानून पर कानपुर में भड़की हिंसा
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दस मिनट के भाषण के बाद ही हजारों लोग सड़क पर आकर बवाल करने लगे थे। पुलिस ने उसकी तुरंत शिनाख्त कर ली थी। एडीजी ने उसे गिरफ्तार करने और रासुका लगाने के निर्देश दिए थे। रविवार को डीएम विजय विश्वास पंत व एसएसपी अनंत देव बाबूपुरवा पहुंचे और भाषण देने वाले शख्स से पूछताछ की।
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कानपुर में हिंसा
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उसका कहना था कि उसने शांति के लिए लोगों से अपील की थी। कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया है। जबकि पुलिस सूत्रों के अनुसार कुछ वीडियो फुटेज मिले हैं, जिनमें वह शख्स भड़काऊ भाषण दे रहा है। एसएसपी ने कहा कि कुछ वीडियो भाषण के मिले हैं। उनको देखा जा रहा है। अगर उस शख्स के खिलाफ साक्ष्य मिले, तो कार्रवाई की जाएगी।
एस-10 सदस्यों पर गलत सूचनाएं देने का आरोप
डीएम व एसएसपी से मिलकर क्षेत्रीय पार्षद ने बताया कि हिंसा के दिन एस-10 सदस्यों की भूमिका संदिग्ध रही। उन्होंने गलत सूचनाएं लोगों तक पहुंचाईं, जिससे भीड़ उग्र होती गई। पार्षद ने अफसरों से कहा कि क्षेत्र में एस-10 के अधिकतर सदस्य अपराधी हैं। उन पर कोई न कोई मुकदमा दर्ज है। इस पर एसएसपी ने कहा कि जांच की जाएगी।