केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लखनऊ की टीम ने शुक्रवार को यूपी के कानपुर में शुक्लागंज नवीन गंगा पुल पर लगी रियल टाइम वाटर क्वालिटी मशीन से गंगा जल की जांच की। जांच में गंगा जल अशुद्ध निकला।
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टीम ने भरे नमूने
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शोधकर्ता डा. विजया सिंह और डा. पूनम पांडे अपने एक अन्य सहयोगी के साथ नवीन गंगापुल पर लगे वाटर क्वालिटी स्टेशन पहुंचीं। वहां लगी रियल टाइम वाटर क्वालिटी मशीन से गंगा जल की जांच की।
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टीम ने भरे नमूने, पानी में निकले कीड़े
- फोटो : अमर उजाला
टीम के सदस्यों ने बताया कि गंगा जल शुद्ध नहीं है। एक कारण और भी हो सकता है, जिसमें गंगा का तेजी से गिरता जलस्तर और पानी का कम होना जिससे बहाव में कमी आ जाती है और जो गंदा पानी होता है वह एक जगह जमा होने लगता है।
मार्च के महीने में ही गंगा का जलस्तर 107 मीटर पर आ गया है जोकि जून माह में होता था। गंगा जल का रंग भी कुछ बदला है। दूर से देखने पर पानी का रंग हरा दिख रहा, जबकि, पास से देखने पर गहरा मैटमैला दिखाई दे रहा है। पानी के नमूने लिए गए हैं जिनकी जांच लखनऊ स्थित लैब में होगी।