पुलिस हिरासत में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
बारासगवर थानाक्षेत्र के मलयपुर गांव निवासी राकेश कोरी का बेटा यश (3) 21 फरवरी की सुबह घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान वह लापता हो गया। पिता व अन्य परिजनों ने बच्चे की तलाश की, कहीं पता नहीं चला। 23 फरवरी को राकेश ने बारासगवर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। लापता होने के 11 दिन बाद 4 मार्च को किसी ने राकेश को फोन कर बेटा कब्जे में होने की बात कहकर पचास हजार रुपये की फिरौती मांगी। फिरौती मांगने वाले ने गांव के बाहर मंदिर के पास पीपल के पेड़ में लटके लाल कपड़े में रुपये बांधने के लिए कहा था। राकेश व अन्य परिजन तीन दिन वहां पहुंचे। इन्हें कोई नहीं मिला। मामले की जानकारी पर एसपी पुष्पांजलि ने थाना पुलिस के साथ ही सर्विलांस टीम को लगाया।
गुरुवार को पुलिस ने मृतक के सभी परिजनों को थाने बुलाया। परिवार के सभी सदस्य थाने पहुंच गए लेकिन राकेश का चचेरा भाई दिनेश व उसकी मां सरोजनी नहीं पहुंचीं। पुलिस ने फिरौती मांगने वाले के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया तो लोकेशन दिनेश के घर की निकली। इस पर पुलिस रात में ही दिनेश के घर पहुंची। पुलिस टीम को घर में शव सड़ने की दुर्गंध महसूस हुई। शक होने पर कमरे को खुलवाकर मां-बेटे से कड़ाई से पूछताछ की गई। इसी दौरान जमीन में एक स्थान पर ताजी मिट्टी देख पुलिस ने खुदवाया। गड्ढे में एक बोरे में बंद बच्चे का शव मिला। एसपी पुष्पांजलि, एएसपी एपी सिंह, सीओ विवेक रंजन राय, एसओ उत्तम सिंह राठौर और फोरेंसिक टीम ने जांच की। पुलिस ने हत्यारे दिनेश व उसकी वृद्ध मां सरोजनी को गिरफ्तार कर लिया है।