सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव का जलाभिषेक करते भक्त।
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सावन के पहले सोमवार का विशेष महात्म्य
सावन का पहला सोमवार पांच महायोगों से मिलकर भोले भक्तों के लिए मंगल और समृद्धि का प्रतीक बनकर आया है। प्रथम सोमवार पर इस बार सुख-समृद्धि के सुखद संयोग हैं। पहला सोमवार श्रवण नक्षत्र के साथ प्रीतियोग योग में लग रहा है। यह नक्षत्र पर सौभाग्य और मंगलमय बेला में आरंभ होगा। इसके अलावा आयुष्मान योग, राज योग, शश योग और सर्वार्थ सिद्धि योगों का भी इस दिन मिलन होगा । ज्योतिषीय गणना के अनुसार श्रवण नक्षत्र और प्रीति योग में भगवान शिव के जलाभिषेक से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
भगवान शिव के प्रिय मास सावन के प्रथम जलाभिषेक की तैयारियां रविवार को पूरी कर ली गईं थीं। यमुना तट स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर में पुरुष और महिला भक्तों के दर्शन के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग कराई गई है। मनकामेश्वर में सोमवार की भोर चार बजे मंगला आरती के साथ ही आम भक्तों के लिए पट खोल दिए गए।