फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा राज में संस्कृत ही नहीं, सनातन धर्म को भी नुकसान: सतीश मिश्रा

Wed, 28 Jul 2021 12:42 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भाजपा पर रहे हमलावर, प्रबुद्ध संगोष्ठी में लगाया 450 संस्कृत विद्यालय, महाविद्यालयों को बंद कराने का आरोप
विज्ञापन
1 of 4
बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा - फोटो : prayagraj
बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा मंगलवार को पार्टी की चुनावी रणनीति का खुलासा करते हुए भाजपा पर हमलावर रहे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव बसपा अपने दम पर लड़ेेगी। आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में प्रदेश के 450 संस्कृत विद्यालयों, महाविद्यालयों को बंद कर दिया गया है। संस्कृत शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक है। इससे संस्कृत ही नहीं, सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। 

सिविल लाइंस के एक होटल में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग की संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए बसपा महासचिव ने कहा कि भगवान राम के नाम के सहारे सत्ता में झूठे वादे कर आई भाजपा ने चोला बदल लिया है। इस सरकार में ब्राह्मण ही नहीं, व्यापारी, किसान और मजदूर भी परेशान हैं। अराजकता हर तरफ हावी है। महिला उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी हैं। बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा जाति-धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का काम कर रही है। कहने को रामराज है, लेकिन लोगों को चिह्नित कर हमले किए जा रहे हैं। हाथरस की घटना उदाहरण है, जिससे साफ हो गया कि प्रदेश में दलित समाज सुरक्षित नहीं हैं। कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं रह गई है।
विज्ञापन

2 of 4
बसपा महासचिव को माला पहनाकर स्वागत करते पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता। - फोटो : prayagraj
उन्होंने दावा किया कि 2007 से 2012 तक बसपा शासन काल सुशासन के रूप में जाना जाता है। अपराधी जेल के अंदर थे, लोग चैन से थे। सभी को बराबरी का हक दिया गया। अब समय आ गया है कि जनता मंथन करे क्योंकि जनादेश को बदलने के लिए हालिया घटनाओं को याद रखना जरूरी है।

अधिवक्ता, ब्राह्मण गलती सुधारें, हालात बदलेंगे

बसपा राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ता और ब्राह्मण प्रबुद्ध वर्ग से आते हैं। अब समय आ गया है कि वे भाजपा सरकार बनवाने के लिए की गई मदद की भूल सुधारें। प्रबुद्ध जनों ने गलती सुधार कर ली तो हालात ही नहीं बदलेंगे, सत्ता परिवर्तन भी होगा। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन कर रहा है तो लाठियां खा रहा है। नए कानूनों के जरिये किसानों की जमीनें छीनकर उद्योगपतियों को दी जा रही हैं। श्रमिकों के हितों का हनन किया जा रहा है। कहीं किसी शिकायत की सुनवाई नहीं हो रही है। इस जंगलराज में लोग त्राहि-त्राहि कर रही है। 

 

विज्ञापन

3 of 4
बसपा कार्यालय में उपस्थित कार्यकर्ता। - फोटो : prayagraj

महंगाई की मार से त्राहि-त्राहि, तेल की कीमतों ने बिगाड़ा बजट

भाजपा पर हमलावर बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्र ने अंत में महंगाई के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। पेट्रोलियम पदार्थों के साथ खाद्य तेलों की मूल्य वृद्धि ने लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। तेल इस कदर महंगा है कि बारिश के मौसम में लोग पकौड़े नहीं खा पा रहे हैं। महंगाई से जनता त्राहि-त्राहि कर रही है।

 

विज्ञापन

4 of 4
बसपा महासचिव को त्रिशूल भेंट करते कार्यकर्ता। - फोटो : prayagraj

त्रिशूल संग भेंट की बाबा विश्वनाथ की तस्वीर

प्रबुद्ध संगोष्ठी के दौरान संयोजक संजय गोस्वामी ने बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को बाबा विश्वनाथ की तस्वीर और त्रिशूल भेंट किया। इस दौरान हाल में जय परशुराम के नारे भी लगे। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री नकुल दुबे, भूपेंद्र तिवारी, अमरेंद्र बहादुर भारतीय, बसपा महानगर अध्यक्ष चौधरी सईद अहमद, राजेश तिवारी, मोहम्मद अकरम चांद, अमित, आनंद मिश्रा, सूरज पांडेय, आचार्य विमलेश आदि मौजूद रहे। संचालन जिलाध्यक्ष अभिषेक गौतम ने किया।
 

ब्राह्मण सम्मेलन सिर्फ छलावा : भाजपा नेता

भाजपा काशी क्षेत्र की मंगलवार को हुई बैठक में बसपा तथा अन्य दलों के ब्राह्मण प्रेम पर कटाक्ष किया गया। संयोजक देवेंद्र नाथ मिश्र ने कहा कि चुनाव से पहले ब्राह्मण सम्मेलन सिर्फ छलावा है। उनका कहना था कि सपा और बसपा ने ब्राह्मण समाज को हमेशा हाशिए पर रखा लेकिन आज उनमें प्रेम छलक रहा है। फूलचंद दुबे, बृजेश मिश्र, आशुतोष पांडेय आदिन ने बसपा के सम्मेलन पर सवाल उठाए। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें