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अखाड़ा परिषद : बाघंबरी मठ के नए महंत के अधिकार प्रबंधन तक सीमित 

Sat, 02 Oct 2021 02:23 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • निरंजनी अखाड़े के पांच सदस्यीय एडवाइजरी बोर्ड के हाथ होगी लगाम, महंत के पास जमीन बेचने का नहीं होगा अधिकार
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prayagraj : महंत नरेंद्र गिरि और महंत बलवीर गिरि। फाइल फोटो। - फोटो : prayagraj
अरबों की संपदा वाले बाघंबरी गद्दी मठ के महंत नरेंद्र गिरि की संदेहास्पद मौत के बाद उनके नए उत्तराधिकारी के अधिकार सीमित कर दिए गए हैं। नए महंत के बाद मठ और बड़े हनुमान मंदिर का प्रबंधकीय दायित्व होगा। निरंजनी अखाड़े के पांच सदस्यीय एडवाइजरी बोर्ड के अधीन महंत को मठ का संचालन करना होगा। ऐसे में किसी तरह की मनमानी नहीं चलेगी। महंत चाहकर भी मठ की जमीन नहीं बेच सकेंगे।
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prayagraj : महंत बलवीर गिरि। - फोटो : prayagraj
बाघबंरी गद्दी मठ का संचालन अब अखाड़े की परानी नियमावली के तहत होगा। वर्षों पहले जिस एडवाइजरी बोर्ड को महंत नरेंद्र गिरि ने तोड़ दिया था, उसे अब नए सिरे से पुनर्जीवित किया गया है। इसके तहत नए महंत बलवीर गिरि अब निरंजनी अखाड़े के पांच सदस्यीय सुपरवाइजरी बोर्ड की निगरानी में काम करेंगे। महंत की हैसियत सिर्फ  प्रबंधक की होगी। नए निर्णयों के तहत महंत अब मठ से जुड़ी संपत्तियों की देखरेख कर सकेंगे, लेकिन उसे बेचने का अधिकार नहीं होगा।
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Narendra Giri Suicide - फोटो : अमर उजाला
महंत की हर कार्यप्रणाली पर बोर्ड निगरानी रखेगा। नियमों के विपरीत कदम उठाने पर महंत को हटाने का शक्तियां भी बोर्ड में निहित होंगी। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी के अनुसार अखाड़े ने बाघंबरी गद्दी मठ से जुड़ी संपत्तियों को संरक्षित करने के लिए यह निर्णय लिया है। महंत नरेंद्र गिरि की वसीयत के आधार पर बाघम्बरी गद्दी के नए महंत चुने गए बलवीर गिरि का  पट्टाभिषेक पांच अक्तूबर को षोडशी भंडारे के दिन होगा।

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सीबीआई की टीम ने आरोपियों को हिरासत में लिया - फोटो : अमर उजाला
अखाड़े के एक और पदाधिकारी ने बताया कि बाघंबरी गद्दी मठ पहले भी निरंजनी अखाड़े की सुपरवाइजरी बोर्ड की देखरेख में ही काम करता था, लेकिन बाद में नरेंद्र गिरि के आगे बोर्ड निष्क्रिय हो गया था।  यही कारण था कि उन्होंने मठ की कई बीघे जमीन बेच दी थी, जो मठ में विवाद का कारण बनीं। मौजूदा समय बाघंबरी गद्दी मठ आठ बीघे से अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ है।
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मठ बाद्यम्बरी गद्दी। - फोटो : prayagraj
इसी परिसर में महंत विचारानंद संस्कृत महाविद्यालय के अलावा गोशाला भी है, जिसकी भूमि को लेकर आनंद गिरि से महंत नरेंद्र गिरि का विवाद शुरू हुआ था। इसके अलावा मुट्ठीगंज में भी मठ का भवन है। संगम स्थित लेटे हनुमान मंदिर का संचालन भी बाघंबरी गद्दी के ही जरिए होता है।

पांच को षोडशी पर बाघंबरी गद्दी के नए महंत का पट्टाभिषेक
पांच अक्तूबर को महंत नरेंद्र गिरि के षोडशी भंडारे में बाघंबरी गद्दी के नए महंत का पट्टाभिषेक होगा। पट्टाभिषेक के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसमें देश भर से कई शीर्ष संतों और राजनीतिक हस्तियों के पहुंचने की उम्मीद है।
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