ताजनगरी में गुलाबी सर्दी शुरू हो गई है। इसी के साथ सज गया है आगरा किले के पास स्थित रामलीला मैदान में तिब्बती बाजार (शक्ति का बाजार)। शक्ति का बाजार नामकरण इसलिए क्योंकि ताजनगरी में यह एक ऐसा बाजार है, जिसमें महिलाएं संघर्षों का पहाड़ लांघकर कारोबार की कमान संभाल रही हैं। तिब्बती शरणार्थियों के इस बाजार में 36 में से 22 स्टॉल पर दुकानदार महिलाएं हैं। शेष स्टॉल पर भी वह जिम्मेदारी संभाल रही हैं। यह बाजार 12 नवंबर से शुरू हुआ है जो 10 फरवरी तक चलेगा।
हर साल रामलीला मैदान में यह बाजार नवंबर से फरवरी तक चार महीने तक चलता है। यहां आधी आबादी न सिर्फ कारोबार में नए आयाम लिख रहीं है बल्कि शहर की महिला व्यापारियों के आगे मिसाल पेश कर रही हैं। इनमें लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों से आई महिलाएं हैं।
कोरोना काल के बाद कई उम्मीदों को मन में समेटे इन महिलाओं ने परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अपने कंधे पर उठा ली है। बाजार के संयोजक तैंजिन नैंडोल का कहना है कि पिछले वर्षों के मुताबिक कारोबार की शुरुआत काफी हल्की रही है, हमें उम्मीद है कि ठंड बढ़ने के साथ खरीदारों की संख्या भी बढ़ेगी।