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छठ पूजा: गोमती के तट पर आस्था और उल्लास का सैलाब, किसी ने संतान तो किसी ने यूपीएससी ने सफलता की कामना की

Thu, 11 Nov 2021 03:53 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
गोमती का किनारा, चारों तरफ से ढोल-नगाड़ों की आवाज पर थिरकते बच्चे और युवा, नदी किनारे सजी सुशोभिता को पूजतीं सोलह सिंगार में सजी-धजी सुहागिनें। दउरा व सूप सजाते घर के पुरुष व बच्चे। यह नजारा लक्ष्मण मेला, झूलेलाल, कुड़िया घाट पर बने पूजा स्थलों पर था। अपार्टमेंट परिसरों, पार्कों व छतों पर बनाए कृत्रिम तालाबों पर भी आदित्योपासना के लिए परिवार इकट्ठा थे।

शाम के पांच बजते-बजते महिलाएं भरी कोसी हाथों में लिए कमर तक पानी में उतर चुकी थीं और निगाहें पश्चिम में धीरे-धीरे लाल होते सूरज देवता पर टिकी थीं। 5.19 होते ही जैसे सूरज अस्त हो चला, हर तरफ से छठी मइया और भगवान भास्कर का जैकारा लगाने की आवाज, शंखनाद और मंत्रोच्चारण की ध्वनियां गूंज उठी। श्रद्धालुओं ने भगवान को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि-शांति की प्रार्थना की।
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- फोटो : amar ujala
किसी ने मांगा संतान का आशीर्वाद तो किसी ने सिविल सर्विसेज में सफलता
एक तरफ आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ तो दूसरी तरफ इच्छित वर प्राप्ति का विश्वास मन में लिए सभी ने झोली भगवान भास्कर के आगे फैला रखी थी। अर्घ्य की धार के साथ चिनहट से आईं मालती ने अच्छे घर में विवाह के लिए भगवान को धन्यवाद कहा और संतान के लिए प्रार्थना की। वहीं, इंदिरानगर निवासी रौनक और रुचि ने सिविल सर्विसेज में सफलता की कामना की।

चालीस साल से व्रत करती आ रहीं आशा देवी इस साल व्रत बहू को सौंप कर खुद को धन्य मान रही हैं। बहू अमृता का कहना था कि एक झिझक तो है कि इतना कठिन व्रत का पालन कैसे कर पाऊंगी पर हो जाएगा ऐसा भरोसा है।
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- फोटो : amar ujala
पहले अर्घ्य, फिर सेल्फी तो जरूरी है, वीडियो कॉल करके कराया दर्शन
कमर तक पानी में उतरे परिवार के लिए यह किसी उत्सव से कम नहीं था। पहले अर्घ्य देकर पूजा पूरी की, उसके बाद शुरू हुआ सेल्फी का सिलसिला। इसके बाद वीडिया कॉलिंग कर दूर बैठे अपनों को छठ पूजा का ऑनलाइन दर्शन कराया लोगों ने।

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- फोटो : amar ujala
एकदम मेले जैसा माहौल
लक्ष्मण मेला स्थल पर चारों तरफ पेड़ों पर लगी रंग बिरंगी लाइटें, आतिशबाजी, आसमान में उड़तीं कंदीलें। कहीं बिक रही थी बाम्बे मिठाई तो कहीं फूंक मारकर चलने वाली फिरकी एकदम मेले जैसे माहौल का अहसास करा रही थी।
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- फोटो : amar ujala
सांस्कृतिक मंच भी सजा
अखिल भारतीय भोजपुरी समाज द्वारा आयोजित पूजा स्थल पर स्थानीय कलाकारों ने गीत-संगीत-नृत्य से समां बांधा और भोर तक प्रस्तुतियां चलती रहीं।
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