चौथी तकनीक
चौथी तकनीक जोना फ्री एंब्रियोट्रांसफर है। इसमें लैब में ही भ्रूण को 5-6 दिन विकसित करने के बाद जिसे ब्लास्टोसिस्ट कहते हैं को महिला के गर्भाशय में डालने का प्रयास किया जाता है लेकिन महिला की उम्र ज्यादा होने की वजह से ब्लास्टोसिस्ट बनने के बाद भी गर्भाशय में इम्प्लांट नहीं हो पाता है। इसका कारण ब्लास्टुला की आउटर कवरिंग का अधिक कड़ा हो जाना होता है। डॉक्टर कवरिंग को कमजोर करने के लिए लेजर का सहारा लेते हैं। इसके बाद फर्टिलिटी सरल हो जाती है।
आजकल इन चार नई तकनीक की मदद से महिलाओं में गर्भधारण के मौके बढ़ जाते हैं और वो सफलतापूर्वक मां बन सकती है।