दुनियाभर में कोरोना संक्रमण को डेढ़ साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। महामारी की शुरुआत से ही वैज्ञानिक नोबल कोरोनावायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर ढंग से समझने की कोशिश कर रहे हैं। कोविड संक्रमण या वैक्सीन लगने के बाद या फिऱ दोनों ही स्थितियों के बाद व्यक्ति को वायरस से किस स्तर तक सुरक्षित माना जा सकता है? यह ऐसे गंभीर सवाल रहे हैं जिनपर खूब चर्चा की गई है। इन सवालों के सही जवाब क्या हो सकते हैं, इसपर बात करना फिलहाल जल्दबाजी होगी, लेकिन सुकून की बात यह है कि विशेषज्ञ इस कोड को क्रैक करने के काफी करीब पहुंच गए हैं। हाल ही में हुए दो अध्ययनों में वैज्ञानिकों ने शरीर में बनी इम्यूनिटी के बारे में कुछ ऐसे खुलासे किए हैं जिसने लोगों में एक सकारात्मक उम्मीद जगा ही है।