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फैक्ट चेक: नियमों में बदलाव, अब कोविशील्ड वैक्सीन की लगेगी केवल एक डोज? जानिए सच्चाई

Sat, 05 Jun 2021 11:41 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वैक्सीन को लेकर वायरल मैसेज - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए भारत सरकार ने देश में टीकाकरण की रफ्तार को तेज कर दिया है। देश में अब तक 17 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाया जा चुका है। परिणामस्वरूप जिन हिस्सों में ज्यादा लोगों का टीकाकरण हुआ है, वहां पर कोरोना संक्रमण की रफ्तार भी कम होनी शुरू हो गई है। दूसरी तरफ विशेषज्ञ, वैक्सीनेशन को ही कोरोना से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मान रहे हैं। वैक्सीनेशन प्रोटोकॉल में बदलाव करते हुए सरकार ने हाल ही में टीके की दो डोज के बीच के अंतराल को 6-8 हफ्तों से बढ़ाकर 12-16 हफ्ते का कर दिया है। इसके अलावा अब स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी टीकाकरण कराने की अनुमति दे दी गई है।
इसी क्रम में टीकाकरण के नियमों में बदलावों से संबंधित सोशल मीडिया में एक संदेश वायरल हो रहा है, जिसने लोगों में काफी भ्रम की स्थिति को जन्म दे दिया है। आइए जानते हैं क्या है यह वायरल पोस्ट और इसके दावों में कितनी सच्चाई है?
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कोरोना वैक्सीन की एक डोज ही काफी? - फोटो : PTI
क्या है वायरल पोस्ट?
टीकाकरण को लेकर सोशल मीडिया में इन दिनों तेजी से वायरल हो रहे एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि सरकार ने अब कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने के नियमों में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब से लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन की दो डोज की जगह सिर्फ एक डोज ही दी जाएगी। वायरल पोस्ट के दावे के मुताबिक- 'हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन के दौरान पाया है कि कोविशील्ड वैक्सीन की एक खुराक ही शरीर में पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडीज निर्मित कर देती है। यह एंटीबॉडीज कोरोना संक्रमण से सुरक्षा देने में पर्याप्त हैं। कोविशील्ड की एक खुराक से ही कोरोना को मात दिया जा सकता है।

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सरकार ने बताई सच्चाई - फोटो : social media
क्या वास्तव में अब दूसरे डोज की आवश्यकता नहीं है?
सोशल मीडिया में कोविशील्ड वैक्सीन की डोज को लेकर वायरल इस पोस्ट के बारे में नीति आयोग ने लोगों को वास्तविकता से रूबरू कराया है। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए डॉ वी के पॉल,सदस्य (स्वास्थ्य) नीति आयोग ने बताया कि कोविशील्ड की एक डोज लगाने वाली खबर ग़लत है। भारत में कोविशील्ड का शिड्यूल 2 डोज का है, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहली डोज के 12 हफ्ते के बाद दूसरी डोज लेना जरूरी है।

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कोरोना वैक्सीन को लेकर कुछ नियमों में बदलाव - फोटो : iStock
वैक्सीनेशन के नियमों में बदलावों को भी जान लीजिए
टीकाकरण को लेकर बनाए गए सरकारी पैनल ने कोविशील्ड वैक्सीनेशन की डोज के अंतराल को बढ़ाकर 12-16 हफ्ते करने का सुझाव दिया, जिसे अब केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। नए नियमों के मुताबिक अब कोविशील्ड वैक्सीनेशन की पहली डोज के बाद 12-16 हफ्ते के बाद दूसरी डोज देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा हाल ही में सरकार ने स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी टीकाकरण कराने की अनुमति दे दी है। 
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मास्क लगाना सभी के लिए जरूरी - फोटो : pixabay
वैक्सीनेशन के साथ अन्य उपाय भी जरूरी
दुनिया के तमाम वैज्ञानिकों का मानना है कि वही देश शीघ्र-अतिशीघ्र इस महामारी से मुक्त हो सकते हैं जो टीकाकरण के साथ-साथ कोरोना से बचने के अन्य सभी उपायों जैसे मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग को सख्ती से पालन में ला रहे हैं। सभी लोगों को यह निर्धारित करना होगा कि वे कितनी जल्दी इस महामारी से छुटाकार पाना चाहते हैं। यह तभी संभव है जब टीकों के साथ सभी नियमों का सख्ती से पालन हो। 
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नोट: यह लेख डॉ वी के पॉल,सदस्य (स्वास्थ्य) नीति आयोग के बयान के आधार पर तैयार किया गया है। केंद्र सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा इस खबर का फैक्ट चेक ट्वीट भी किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है।
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