कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए भारत सरकार ने देश में टीकाकरण की रफ्तार को तेज कर दिया है। देश में अब तक 17 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाया जा चुका है। परिणामस्वरूप जिन हिस्सों में ज्यादा लोगों का टीकाकरण हुआ है, वहां पर कोरोना संक्रमण की रफ्तार भी कम होनी शुरू हो गई है। दूसरी तरफ विशेषज्ञ, वैक्सीनेशन को ही कोरोना से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मान रहे हैं। वैक्सीनेशन प्रोटोकॉल में बदलाव करते हुए सरकार ने हाल ही में टीके की दो डोज के बीच के अंतराल को 6-8 हफ्तों से बढ़ाकर 12-16 हफ्ते का कर दिया है। इसके अलावा अब स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी टीकाकरण कराने की अनुमति दे दी गई है।
इसी क्रम में टीकाकरण के नियमों में बदलावों से संबंधित सोशल मीडिया में एक संदेश वायरल हो रहा है, जिसने लोगों में काफी भ्रम की स्थिति को जन्म दे दिया है। आइए जानते हैं क्या है यह वायरल पोस्ट और इसके दावों में कितनी सच्चाई है?