अवसाद के शिकार लोग खाएं चिकन
- फोटो : Pixabay
सेलेनियम की कमी से बढ़ जाता है अवसाद का खतरा
डिप्रेशन को दूर करने में मांसाहार, विशेषरूप से चिकन का सेवन लाभदायक माना जाता है। पबमेड सेंट्रल में "डाइटरी सेलेनियम एंड मेजर डिप्रेशन" नाम से प्रकाशित एक
अध्ययन के अनुसार, शरीर में सेलेनियम की कमी अवसाद के जोखिमों को बढ़ा देती है। चिकन और अन्य प्रकार के लीन मीट के माध्यम से इसकी आसानी से पूर्ति की जा सकती है। जिन लोगों को डिप्रेशन की शिकायत है उन्हें चिकन का सेवन जरूर करना चाहिए।
--------------------
नोट: यह लेख अवसाद को कम करने के उपायों पर हुए तमाम अध्ययनों के आधार पर तैयार किया गया है। अध्ययन संलग्न हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।