दिमाग को तेज करने के लिए हम दैनिक जीवन में कई सारे उपाय करते हैं। बादाम खाने से लेकर याददाश्त से जुड़े खेल खेलने तक आप भी बचपन से ऐसे कई सारे तरीकों को प्रयोग में लाते रहे होंगे। इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जीवनशैली की खराबी और भोजन में पौष्टिकता की कमी के कारण लोगों में याददाश्त और कई तरह की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कभी-कभी किसी चीज को भूल जाना स्वाभाविक है, लेकिन अगर आपको इस तरह की दिक्कत लगातार बनी रहती है तो यह चिंता का विषय हो जाता है।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और बोस्टन अटेंशन एंड लर्निंग लेबोरेटरी के शोधकर्ताओं ने साल 2015 में एक अध्ययन के दौरान पता लगाया कि उम्र के साथ चीजों को याद रखने की क्षमता में सुधार होता है। 43 साल की आयु तक लोगों में यह क्षमता काफी अधिक रहती है हालांकि 60 साल तक पहुंचते-पहुंचते हमें चीजों को भूलने के बारे में एहसास होना शुरू हो जाता है। हार्वर्ड की किताब "इम्प्रोविंग मेमोरी: अंडरस्टैंडिंग एज-रिलेटेड मेमोरी लॉस" में याददाश्त को कमजोर करने वाली कुछ ऐसी ही आदतों के बारे में बताया गया है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि किन आदतों में सुधार करके आप अपनी याददाश्त को ठीक कर सकते हैं?