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हार्वर्ड वैज्ञानिकों ने बताया: क्या आप भी कमजोर याददाश्त की समस्या से हैं परेशान? जरूर कर रहे होंगे ऐसी गलतियां

Fri, 06 Aug 2021 12:00 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लोगों में बढ़ रही है याददाश्त की समस्या (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social media
दिमाग को तेज करने के लिए हम दैनिक जीवन में कई सारे उपाय करते हैं। बादाम खाने से लेकर याददाश्त से जुड़े खेल खेलने तक आप भी बचपन से ऐसे कई सारे तरीकों को प्रयोग में लाते रहे होंगे। इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जीवनशैली की खराबी और भोजन में पौष्टिकता की कमी के कारण लोगों में याददाश्त और कई तरह की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कभी-कभी किसी चीज को भूल जाना स्वाभाविक है, लेकिन अगर आपको इस तरह की दिक्कत लगातार बनी रहती है तो यह चिंता का विषय हो जाता है।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और बोस्टन अटेंशन एंड लर्निंग लेबोरेटरी के शोधकर्ताओं ने साल 2015 में एक अध्ययन के दौरान पता लगाया कि उम्र के साथ चीजों को याद रखने की क्षमता में सुधार होता है। 43 साल की आयु तक लोगों में यह क्षमता काफी अधिक रहती है हालांकि 60 साल तक पहुंचते-पहुंचते हमें चीजों को भूलने के बारे में एहसास होना शुरू हो जाता है। हार्वर्ड की किताब "इम्प्रोविंग मेमोरी: अंडरस्टैंडिंग एज-रिलेटेड मेमोरी लॉस" में याददाश्त को कमजोर करने वाली कुछ ऐसी ही आदतों के बारे में बताया गया है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि किन आदतों में सुधार करके आप अपनी याददाश्त को ठीक कर सकते हैं?
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याददाश्त को कमजोर कर देती है धूम्रपान की आदत (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social media
1: याददाश्त के लिए नुकसानदायक है धूम्रपान
यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, सिगरेट से निकलने वाला निकोटीन हेरोइन की तरह ही नशीला होता है। यह आपके दिमाग को वैसे ही नुकसान पहुंचा सकता है जैसे कि ड्रग्स। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि आपको याददाश्त से संबंधित समस्या है तो धूम्रपान तुरंत बंद कर दें। अध्ययन के अनुसार एक दिन में दो पैकेट से अधिक सिगरेट पीने वाले लोगों में, धूम्रपान न करने वालों की तुलना में बुढ़ापे में डेमेंशिया विकसित होने का जोखिम दोगुना से अधिक होता है।
 
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अनिद्रा के कारण बढ़ सकती है याददाश्त की समस्या (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : iStock
2: क्या आप रात में अच्छी नींद नहीं ले रहे हैं?
हार्वर्ड की इस किताब के अनुसार, जो लोग रात में अच्छी नींद नहीं लेते हैं, उनमें अन्य लोगों की तुलना में भूलने की समस्या अधिक होती है। स्लीपिंग ब्रेन चीजों को संग्रहित करने में सहायता करता है। हालांकि यदि आपको नींद न आने की समस्या है तो उसके लिए नींद की दवाइयां न लें, ये दवाएं याददाश्त और सामान्य मस्तिष्क कार्यों को और प्रभावित कर सकती हैं। इस बारे में किसी डॉक्टर से संपर्क करके दिनचर्या में सुधार करने के तरीकों के बारे में जानिए।
 

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तनाव और कमजोर याददाश्त का संबंध (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
3: तनाव को नियंत्रित करने का करें प्रयास
हार्वर्ड की किताब में तनाव और याददाश्त के बीच के संबंधों के बारे में जिक्र मिलता है। विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार तनावों की स्थिति, नशे की ही तरह मस्तिष्क की यादों को संग्रहित करने की क्षमता को कमजोर करती जाती है। ऐसे लोगों में चीजों को बहुत समय तक याद रख पाना कठिन हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक तनाव की स्थिति न सिर्फ स्मृति, साथ ही शरीर के अन्य अंगों के लिए भी क्षति का कारण बन सकती है। 
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शराब को कहें न (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
4: याददाश्त को कमजोर कर देती है शराब
हार्वर्ड की इस किताब के अनुसार, बहुत अधिक शराब पीने से याददाश्त संबंधी समस्याओं के साथ डेमेंशिया का खतरा भी अधिक हो सकता है। यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अल्कोहल एब्यूज एंड अल्कोहलिज्म के अनुसार, अल्कोहल, दीर्घकालिक यादें बनाने की क्षमता में हस्तक्षेप करता है, जिससे लोगों को नई चीजों को मस्तिष्क में संग्रहित करने में समस्या हो सकती है। शराब का सेवन अधिक करने वाले लोगों को बहुत ही कम उम्र में याददाश्त से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं। 


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स्रोत और संदर्भ: 
Harvard book: “Improving Memory: Understanding age-related memory loss”

अस्वीकरण नोट: यह लेख हार्वर्ड की किताब "इम्प्रोविंग मेमोरी: अंडरस्टैंडिंग एज-रिलेटेड मेमोरी लॉस" के विषयों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें। 
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