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जश्न-ए-आजादी: लाल किले की प्राचीर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए प्रधानमंत्री के शब्द, जानें खास बातें

Sun, 15 Aug 2021 09:56 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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देश को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : सोशल मीडिया
75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने जम्म-कश्मीर और लद्दाख का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने भारत के खिलाफ साजिश रचने वालों को दो टूक जवाब भी दिया। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और एयरस्ट्राइक का जिक्र किया। जम्मू-कश्मीर में परिसीमन प्रक्रिया, डीडीसी चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सभी के सामर्थ्य को उचित अवसर देना, यही लोकतंत्र की असली भावना है। जम्मू हो या कश्मीर, विकास का संतुलन अब जमीन पर दिख रहा है। जम्मू कश्मीर में परिसीमन आयोग का गठन हो चुका है और भविष्य में विधानसभा चुनावों के लिए भी तैयारी चल रही है। सर्जिकल स्ट्राइक और एयरस्ट्राइक कर हमने अपने दुश्मनों को एक नए भारत के उदय का संदेश दिया है। यह फैसला ये भी बताता है कि भारत कड़े फैसले ले सकता है। जानिए प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की खास बातें..

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लालकिले से प्रधानमंत्री का संबोधन - फोटो : ANI
प्रधानमंत्री ने कहा कि लद्दाख भी विकास की अपनी असीम संभावनाओं की तरफ आगे बढ़ चला है। एक तरफ लद्दाख, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होते देख रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय लद्दाख को उच्च शिक्षा का केंद्र भी बनाने जा रहा है।
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प्रधानमंत्री मोदी देश को संबोधित करते हुए - फोटो : Twitter@bjp4india
सरकारी योजना का लाभ गांव-गांव पहुंच रहा
प्रधानमंत्री ने कहा सरकारी योजना का लाभ गांव-गांव पहुंच रहा है, सरकारी योजना के लाभ कोई वंचित ना हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबों को पोषणयुक्त खाद्यन देना सरकार का लक्ष्य है। गांवों की अर्थव्यवस्था बढ़ाने के लिए जोर लगाना होगा। 

 

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प्रधानमंत्री मोदी तिरंगा फहराते हुए - फोटो : ANI
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भाषा रुकावट नहीं बनेगी। खेल को इसका मुख्य हिस्सा बनाया गया है।अब खेल के प्रति जागरूकता बढ़ी है। पहले माता-पिता कहते थे पढ़ोगे नहीं तो खेलते रह जाओगे, लेकिन आज उनका भी नजरिया बदला है। ओलंपिक भी एक बड़ा टर्निंग प्वाइंट है। बोर्ड का रिजल्ट हो या ओलंपिक का मैदान, बेटियां बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।

 
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प्रधानमंत्री मोदी - फोटो : ANI
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे कई गुजारिश मिलीं कि बेटियां भी सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं। दो-ढाई साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल में प्रयोग के तौर पर बेटियों को दाखिला देने का फैसला लिया गया था। अब देश के सभी सैनिक स्कूलों में बेटियों का भी एडमिशन हो सकेगा। इन्हें बेटियों के लिए खोल दिया जाएगा।




 
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