केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने दौरे में जम्मू-कश्मीर में शांति और दहशतगर्दी को समाप्त करने के लिए युवाओं और चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर दांव खेला है। उन्होंने साफ संदेश दिया कि यदि ये लोग उठ खड़े हुए तो आतंकवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। बेखौफ होकर दहशतगर्दों व दहशतगर्दी का मुकाबला करने के लिए आगे आने के लिए भी कहा है। शाह ने साफ किया कि आतंकवाद पर सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। किसी भी कीमत पर दहशतगर्द और उनके आका बख्शे नहीं जाएंगे। विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय गृहमंत्री ने बॉर्डर की सुरक्षा, घुसपैठ रोकने और आतंकियों व उनके आकाओं पर नकेल कसने का फूलप्रूफ ब्लूप्रिंट तैयार किया। इसके तहत अब आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बल कहर बनकर टूटेंगे। इंटेलिजेंस ग्रिड भी मजबूत किया जाएगा। घाटी में सुरक्षा की कमान संभाल रहे सीआरपीएफ और अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा में जुटे बीएसएफ जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए उनके साथ समय बिताया, ताकि जवानों को लगे कि सरकार उनके साथ खड़ी है।