अपनी मां के साथ सोनिया। (फाइल)
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राजेश उर्फ सोनिया पांडे की कहानी बड़ी दिलचस्प है। पिता रेलकर्मी थे, उनकी मृत्यु के बाद 2013 में मृतक आश्रित कोटे पर राजेश की नौकरी लग गई। इज्जतनगर के मुख्य कारखाना प्रबंधक कार्यालय में कार्यरत तकनीकी ग्रेड-एक के पद पर तैनाती मिली। बकौल सोनिया, मुझसे बड़ी चार बहने हैं। मेरी मर्जी के खिलाफ 2012 में शादी हुई। मेरे अंदर महिलाओं जैसे व्यवहार आने लगे। पहले तो बहुत परेशान हुई लेकिन निर्णय लिया कि लिंग परिवर्तन कराऊंगी। मैंने पत्नी को समझाया और हम मर्जी से अलग हो गए।