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Gorakhpur Flood: गोरखपुर में 114 गांव की आबादी बाढ़ से प्रभावित, खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं ये नदियां

Tue, 24 Aug 2021 01:48 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
पहाड़ों के साथ मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश का असर जिले की सभी नदियों पर दिखाई देने लगा है। कल तक जो नदी नीचे की तरफ आ रही थी सोमवार को फिर उनमें पानी बढ़ने लगा। राप्ती और घाघरा नदी का भी जलस्तर बढ़ने लगा है। इधर कई दिनों से रोहिन नदी का जलस्तर भी लगातार नीचे आ रहा था लेकिन लगातार बारिश की वजह से वह भी अब बढ़ने लगी है। हालांकि वह खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है। बाढ़ की वजह से 114 गांव की 64692 आबादी और 6000 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित है। यहीं नहीं शहर के तटवर्ती इलाकों में भी राप्ती नदी का पानी घुसने लगा है।
 
केंद्रीय जल आयोग से मिले आंकड़ों के मुताबिक घाघरा नदी खतरे के निशान से 21 सेमी ऊपर बह रही है। इसका असर गोला तहसील के गांवों पर सर्वाधिक पड़ा है। राप्ती नदी का जलस्तर रविवार को नीचे की तरफ आ रहा था लेकिन सोमवार को वह भी खतरे के निशान से 74 सेमी ऊपर हो गई है।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
रोहिन का जलस्तर बढ़ रहा है पर वह खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है। गोर्रा स्थिर है पर वह खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर बह रही हैं। बाढ़ से प्रभावित गांवों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब जनपद के 114 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं।

 
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
सबसे अधिक गोला तहसील के 40 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जबकि सदर तहसील के 31 गांव प्रभावित हुए हैं। सहजनवां के 15, चौरीचौरा के 2, कैंपियरगंज के 2, बांसगांव के 7, खजनी तहसील के 17 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन की तरफ से इन गांवों में नावों की व्यवस्था की गई है।

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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए बाढ़ प्रभावित गांवों में 148 नावों को लगाया गया है। बाढ़ क्षेत्र के लोगों के उपचार के लिए छह मेडिकल टीम का गठन किया गया है। इस टीम के चिकित्सकों ने 345 लोगों का उपचार किया है।

 
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि बंधों पर सतत निगरानी जारी है। जनपद के अलावा दूसरे जिले का दौरा कर यह देखा गया कि कहां स्थिति खराब है। सब जगह स्थिति नियंत्रण में है। विभाग की तरफ से लगातार निगरानी जारी है।
 
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