परिवार के साथ रंजीत।
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रंजीत ने बताया कि उनके साथ लौटे नीतीश कुमार गुप्ता निवासी भलुअनी जनपद देवरिया और धर्मेंद्र चौहान निवासी नरांव थाना मुबारकपुर जनपद आजमगढ़ तथा गाजियाबाद के अवनीश के अलावा रंगलाल, राजेश, रामसमुझ यादव, विपिन कुमार, विरेंद्र, एमडी सद्दाम, मनोज, प्रवीण, अवधेश प्रजापति, मुन्ना सिंह, श्याम बाबू आदि कोई भी व्यक्ति अब दोबारा अफगानिस्तान नहीं जाना चाहेगा। क्योंकि वहां कोई केवल अराजकता है। तालिबानियों में शिक्षा का अभाव है। वे कलम से ज्यादा बंदूक को तवज्जो देते हैं। उनकी वजह से तमाम लोगों को न केवल अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी है बल्कि जान बचाकर अपने वतन आना पड़ा है।
चौरीचौरा क्षेत्र के नई बाजार निवासी शैलेंद्र शुक्ला ने कहा, वहां का माहौल काफी खराब है। लोगों की हालत देखकर रोना आ रहा है। तालिबान लड़ाकों ने उन्हें भी एयरपोर्ट आने के दौरान रोका था। तालिबानी छोटी-छोटी बात पर भी गोलियां चला रहे हैं। कहीं न कहीं से लगातार गोली चलने की आवाज गूंज रही है।