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CM योगी ने जिस शख्स को कराया था गिरफ्तार, रात के अंधेरे में पुलिस ने दी उसे ऐसी राहत, हो जाएंगे दंग

Fri, 13 Mar 2020 08:17 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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जनता दरबार में लोगों की फरियाद सुनते सीएम योगी। (इनसेट में आरोपी)। - फोटो : अमर उजाला
दो बच्चियों से छेड़खानी और उनके घर पर कब्जे की साजिश के जिस आरोपी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जनता दरबार से ही गिरफ्तार कराया था उसे रात के अंधेरे में थाने से बाइज्जत छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री के आदेश पर कौन भारी पड़ गया? आखिर किसके दबाव में ऐसा हुआ? ऐसे कितने मामलों में पुलिस ऐसा करती है? इन सवालों का जवाब देने से अब अफसर बच रहे हैं। दबी जुबान में चर्चा है कि एक भाजपा सांसद के दबाव में पुलिस ने ऐसा कदम उठाया है, जिसमें अब वह खुद फंस चुकी है। एसएसपी का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई होगी।
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जनता दरबार में पहुंचे लोग। (आरोपी) - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक, 13 और आठ साल की बच्चियों से छेड़खानी के आरोपी सराय गुलरिहा निवासी रामनारायण गुप्ता बच्चियों के घर पर कब्जा करने की नीयत से पुलिस की शिकायत लेकर सीएम के जनता दरबार में बुधवार को पहुंचे थे। रामनारायण की शिकायत लेकर दोनों बच्चियां भी सीएम से मुलाकात करने पहुंची थीं। दोनों बच्चियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रामनारायण की सच्चाई बताई तो मुख्यमंत्री ने तत्काल रामनारायण को गिरफ्तार कर जांच का आदेश दे दिया।
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Cm yogi - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री के आदेश पर पुलिस ने रामनारायण को गिरफ्तार कर लिया। वहीं आरोपित पर गुलरिहा थाने में छेड़खानी और धमकी देने का केस दर्ज होने की वजह से गुलरिहा पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस की ओर से यह बयान भी दिया गया कि बच्चियां नाबालिग है और पॉक्सो की धारा बढ़ाई जाएगी। मगर धारा बढ़ाने से पहले रात में एक आदेश आया और फिर थाने से रामनारायण गुप्ता को छोड़ दिया गया। अब पुलिस यह कहती है कि इस प्रकरण में मूल मामला तो जमीन से जुड़ा हुआ है, छेड़खानी की बात में कितनी सच्चाई है, इसकी जांच जरूरी है।

यह है मामला
सराय गुलरिहा गांव के एक शख्स ने छह साल पहले खुदकुशी कर ली थी। उनकी दो बच्चियां हैं जिनकी उम्र इस समय 13 और आठ साल है। खुदकुशी के बाद ही उसकी पत्नी प्रदीप थापा नामक युवक के साथ चली गई। तब से बच्चियां पैतृक मकान में रहती हैं। ग्राम प्रधान व दूसरे ग्रामीणों की मदद से जीवन यापन कर रही हैं। इसी बीच मां ने प्रदीप के साथ मिलकर गांव के ही रामनारायण गुप्ता को सस्ते में मकान बेचने का सौदा कर लिया।

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CM yogi news - फोटो : अमर उजाला।
एक महीने पहले प्रदीप और बच्चियों की मां कुछ अन्य लोग के साथ घर पर कब्जा करने पहुंच गया। इस दौरान सौतेले पिता ने बच्चियों से छेड़खानी की। इसकी जानकारी ग्राम प्रधान ने इंस्पेक्टर को दे दी थी। शिकायत के आधार पर ही गुलरिहा के इंस्पेक्टर ने प्रदीप थापा व उसकी पत्नी (बच्चियों की मां) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बच्चियों से छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज हुआ था। इस मामले में रामनारायण गुप्ता को भी छेड़खानी का आरोपित बनाया गया। कहा गया था कि वह मकान बेचने की साजिश में भी शामिल था।

इन मामलों में जांच क्यों नहीं
हाल के दिनों में कुछ ऐसे मामले हैं जिनमें पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर केस दर्ज करते ही आरोपित को जेल भेज दिया। अब सवाल यह उठता है कि क्या रामनारायण के लिए कानून अलग तरीके से काम करता है? ये कुछ उदाहरण है जिनमें पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार करने के बाद ही जेल भेजा।
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Cm yogi news - फोटो : अमर उजाला।
2 मार्च : सहजनवां पुलिस ने नाबालिग के साथ छेड़खानी, मारपीट के आरोपित राजकुमार को जेल भेजा।
4 मार्च : पीपीगंज पुलिस ने नाबालिग के साथ छेड़खानी और पॉक्सो के आरोपित शेषमणि और बबलू को जेल भेजा।
4 मार्च : गगहा पुलिस ने नाबालिग से छेड़खानी के आरोपित भूलई को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
11 मार्च : गोला पुलिस ने छेड़खानी, मारपीट के आरोपित मोनू को जेल भेजा।

एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने दोनों पक्ष को सुनकर जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया है। बच्चियाें के आरोप में कितनी सच्चाई है इसकी जांच सीओ चौरीचौरा रचना मिश्रा को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यदि राम नारायण आरोपित होंगे तो उन्हें सख्त सजा दिलाई जाएगी। प्रथम दृष्टया मामला जमीन विवाद का सामने आया है।
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