अपनी इस रूमानी और हंसमुख नायक की स्थापित छवि से इतर फिल्में ‘फ्रेडी’ और ‘धमाका’ भी आप कर ही चुके हैं। किसी फिल्म के लिए जोखिम लेने का फैसला आप कब करते हैं?
इसकी तमाम वजहें हो सकती हैं लेकिन सबसे बड़ी वजह जोखिम लेने की जो होती है, वह मेरे लिए किसी फिल्म की पटकथा है। हो सकता है कि जो पटकथा मैंने चुनी या सुनी, उसके मुताबिक कोई फिल्म नहीं भी बनी, लेकिन ये मानवीय भूल भी हो सकती है। अधिकतर समय मेरी छठी इंद्रिय किसी पटकथा को लेकर जो संकेत देती है, मैं उस पर भरोसा करता हूं। ‘भूल भुलैया 2’ की घोषणा से लेकर इसके बनने तक क्या क्या नहीं कहा लोगों ने, लेकिन मुझे अपने फैसले पर भरोसा था और ये भरोसा सही भी साबित हो चुका है।