दिवंगत सीएम मनोहर पर्रिकर
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कुनकोलिएनकर ने कहा, 'हर किसी के लिए यह पहली बार अनुभव था। मुझे एक उदाहरण याद है जब एक सीआरपीएफ जवान ने सीएम मनोहर पर्रिकर को आईएफएफआई परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया था, क्योंकि वह एक निजी मारुति 800 कार में आए थे और उनके पास कोई पहचान पत्र नहीं था। पर्रिकर ने जवान को समझाने की कोशिश की कि वह मुख्यमंत्री हैं, लेकिन जवान ने उन्हें अंदर जाने से मना कर दिया। यह प्रकरण तब समाप्त हुआ जब मुख्यमंत्री की आधिकारिक कार पहुंची और उनके निजी सुरक्षा अधिकारी ने जवान को बताया कि वह राज्य के मुख्यमंत्री हैं।'