प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : फाइल
गिल्ड की तरफ से जारी किए गए एक प्रेस नोट में कहा गया है, 'फिल्मों के लिए किराए पर लिए गए स्टूडियो का भाड़ा और बनाए गए सेट की कीमत निर्माताओं को बिना काम किए चुकानी पड़ रही है। ऐसे समय में बीमा कंपनियां भी साथ देने के लिए तैयार नहीं हैं। यहां तक कि उनका कैंसिलेशन चार्ज भी बहुत महंगा पड़ रहा है। हर एक राज्य सरकार सिनेमाघरों को फिर से खोलने के अपने निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन वह भी तभी राहत दे सकेंगे जब कोरोना वायरस पर काबू पाया जाए। किसी भी हिंदी फिल्म को पूरे भारत में रिलीज होने के लिए फिलहाल फिल्म निर्माताओं को इंतजार करना पड़ेगा। मौजूदा स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन हटने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है।'