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UP Board : देश-दुनिया का सबसे बड़ा बोर्ड है यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद, रद्द करनी पड़ीं परीक्षाएं

Thu, 03 Jun 2021 01:25 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

उत्तर प्रदेश बोर्ड (UP Board) सिर्फ देश का नहीं है दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षा बोर्ड है। यह साल 2021 यूपी बोर्ड का शताब्दी वर्ष भी है। लेकिन इस बार सत्र 2020-2021 की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी है। 
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यूपी बोर्ड : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड - फोटो : amar ujala
अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने जा रहा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (UP Board) सिर्फ देश का नहीं है दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षा बोर्ड है। यह साल 2021 यूपी बोर्ड का शताब्दी वर्ष भी है। लेकिन इस बार सत्र 2020-2021 की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी है। इसका अहम कारण रहा है वैश्विक संक्रामक महामारी कोविड-19 का भयावह प्रकोप, जिसने करोड़ों लोगों को अपनी जद में लपेटा और देश में लाखों लोगों की जान लील ली।

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कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार की वजह से देश के कई राज्यों में लॉकडाउन जैसे हालात बने हुए हैं। ऐसे में सीबीएसई, आईएससी, आईसीएसई और कई राज्यों में बोर्ड परीक्षाओं को भी रद्द करना पड़ा है। उत्तर प्रदेश बोर्ड भी इन्हीं में से एक है। गौरतलब है कि 1921 में एक एक्ट के माध्यम से उत्तर प्रदेश बोर्ड की स्थापना की गई थी। 



इन 100 वर्षों में यूपी बोर्ड ने एक क्षेत्रीय शिक्षा बोर्ड से दुनिया के सबसे बड़े राज्य शिक्षा बोर्ड के तौर पर अपनी एक विशिष्ट पहचान कायम की है। यहां इस खबर में हम उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बीते 100 वर्षों के सफर को रोचक और संक्षिप्त अंदाज में बता रहे हैं। तो आइए जानते हैं क्या का यूपी बोर्ड का शुरुआती स्वरूप और क्या खास बदलाव आया। 
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up board - फोटो : Amar Ujala Graphics
यूपी बोर्ड के वर्तमान स्वरूप की बात करें तो जितने छात्र इस बार शैक्षणिक सत्र 2020-2021 की बोर्ड परीक्षाओं में बैठने जा रहे हैं उनकी संख्या विश्व के कई देशों की जनसंख्या से अधिक है। इस बार 56 लाख से अधिक विद्यार्थी उत्तर प्रदेश की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में भाग लेने वाले हैं। यूपी बोर्ड की व्यापकता का अंदाजा इससे झलकता है कि कोरोना महामारी के बावजूद वह 56,03,813 विद्यार्थियों की लिखित परीक्षाएं आयोजित करने जा रहा है। परीक्षार्थियों की यह संख्या कुछ प्रमुख देश जैसे- न्यूजीलैंड, कुवैत, नॉर्वे, फिनलैंड और आयरलैंड आदि की जनसंख्या से ज्यादा है। 

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पहली बार 5,744 विद्यार्थियों ने दी थी परीक्षा
बोर्ड के स्थापना वर्ष 1921 के मुकाबले 2021 में परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र एवं छात्राओं की संख्या करीब 976 गुणा बढ़ गई है।  दस्तावेजों के अनुसार, पहली बार यूपी बोर्ड के द्वारा आयोजित परीक्षा में 5,744 ने विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था और परीक्षा 179 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। तब इनमें से 5,665 विद्यार्थी हाईस्कूल के थे, जबकि 89 विद्यार्थी इंटरमीडिएट के थे। 
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यूपी बोर्ड : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड - फोटो : Amar Ujala Graphics
1952 में पौने दो लाख विद्यार्थी पंजीकृत थे 
देश की आजादी वाले वर्ष 1947 में यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों की संख्या 48,519 थी, जबकि परीक्षा केंद्रों की संख्या 244 थी। इसके बाद से ही यूपी बोर्ड में विद्यार्थियों का पंजीकरण बढ़ना शुरू हो गया था। 1952 में विद्यार्थियों के पंजीकरण की संख्या बढ़कर 1,72,246 पहुंच गई थी। 

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2021 में विद्यार्थी 56 लाख, परीक्षा केंद्र भी 8,513 हुए  
उत्तर प्रदेश शिक्षा बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने हाल ही में बताया था कि 2021 में आयोजित होने जा रही बोर्ड परीक्षा में 56,03,813 छात्र-छात्राएं शामिल होने जा रहे हैं। इनमें 29,94,312 परीक्षार्थी हाईस्कूल से है, जबकि 26,09,501 परीक्षार्थी इंटरमीडिएट के हैं। साथ ही कोरोना महामारी के दौर में इस वर्ष 8,513 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जानी थी। लेकिन कोरोना प्रकोप की वजहसे रद्द करनी पड़ी। 
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up board 2021 exam - फोटो : अमर उजाला
क्षेत्रीय कार्यालय भी बढ़ाए गए  
छात्र एवं छात्राओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अपने कई जोन यानी मंडलीय कार्यालय खोले हैं। 1973 में मेरठ मंडल कार्यालय, 1981 में बरेली में, 1987 में प्रयागराज तत्कालीन इलाहाबाद में और 2017 में गोरखपुर में जोन कार्यालय खोले गए। यह सभी कार्यालय क्षेत्रीय सचिवालय के देखरेख में चलते हैं।

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