दिल्ली के कैंट इलाके में नौ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि गुरुग्राम सेक्टर 10 इलाके में दिल्ली से आई किशोरी के साथ ऐसी ही हैवानियत कर हत्या कर दी गई। किशोरी की गत 23 अगस्त को मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उससे दुष्कर्म किया गया था। पुलिस ने इस मामले में किशोरी के मकान मालकिन के भाई को गिरफ्तार कर लिया है। मकान मालिक और उसकी पत्नी फरार हैं।
किशोरी ने कहा था-मां, मैं ठीक हूं और सब अच्छा चल रहा है
मां, मैं ठीक हूं और सब अच्छा चल रहा है। यह बात 15 दिन पहले अपनी मां से फोन पर आखिरी बातचीत में उस 13 वर्षीय बच्ची ने कही थी जिसकी गुरुग्राम में दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी मकान मालकिन के भाई प्रवीण वर्मा के घर गुरुग्राम गई तो वहां प्रवीण और अन्य ने उसकी बेटी की हत्या कर दी। पिता ने नरेला थाने में दी अपनी शिकायत में कहा कि उसकी मकान मालकिन की भाभी को संतान हुई थी इसलिए वह उसकी बेटी को गुरुग्राम ले गई थी।
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- फोटो : अमर उजाला
नरेला निवासी पीड़िता की मां ने कहा कि हमने उनपर भरोसा किया। ये पहली बार था जब वह अकेले घर से गई थी। वह घर से बाहर खेलने तक नहीं जाती थी। हमने सोचा था कि हमारी बेटी सुरक्षित रहेगी और मकान मालकिन पर भरोसा किया। पीड़िता की मां घरों में काम कर परिवार का गुजारा करती है।
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फाइल फोटो
बेटी से हुई दरिंदगी से दुखी माता पिता ने इंसाफ की गुहार लगाते हुए उसके अपराधियों को फांसी देने की मांग की। बेटी से आखिरी बातचीत को याद करते हुए मां ने बताया कि वह कह रही थी मम्मी में ठीक हूं, मुझे यहां अच्छे से रख रहे हैं। पीड़िता की मां ने कहा कि उसने सोचा कि उसकी बेटी सुरक्षित है। उसने कहा कि उसने अपनी बेटी को कहीं नहीं भेजा था।
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मकान मालिक लोग परिवार जैसे थे लेकिन मुझे नहीं पता था कि मेरी बेटी नहीं रहेगी। पिता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने नरेला थाने में हत्या, आपराधिक साजिश के साथ ही एससी-एसटी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। गुरुग्राम पुलिस ने जब कहा कि पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है तो इसके बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में और धाराएं जोड़ी दीं।
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- फोटो : अमर उजाला
बच्ची के पिता ने एफआईआर में कहा कि 17 जुलाई को उसकी मकान मालकिन ने कहा कि उसकी भाभी को संतान हुई है और वह उसकी बेटी को अपने भाई के घर गुरुग्राम ले जा रही है। उसने ये भी कहा उसकी बेटी वहां रहेगी और उसकी भतीजी के साथ खेला करेगी। हालांकि 23 अगस्त की तीन बजे मकान मालिक ने उसे बताया कि उसकी बेटी मर गई है।
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- फोटो : pixabay
स्मार्ट फोन न होने से रुक गई थी पढ़ाई
एक जानकार ने बताया कि कक्षा सात में पढ़ने वाली बच्ची के तीन भाई-बहन हैं। उसकी पढ़ाई में रुचि थी और अपने लिए काम करना चाहती थी लेकिन लॉकडाउन लगने और स्मार्ट फोन न होने के कारण वह और तीनों भाई-बहन एक साल के दौरान ऑनलाइन कक्षा नहीं ले पा रहे थे।
बेटी में जिम्मेदारी की भावना को याद करते हुए उसकी मां ने बताया कि मेरे पास फोन नहीं है, पति के पास फोन है, हालांकि वह भी स्मार्ट फोन नहीं है। मेरी बेटी बच्चों में सबसे बड़ी थी और जब मैं और मेरे पति काम के लिए बाहर जाते थे तो वह पूरे घर की जिम्मेदारी संभालती थी।