फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

10वीं के छात्र ने एेसा लिया बदला, साथी छात्राओं का जीना हुआ मुहाल

Sun, 03 Jun 2018 10:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
classmates
बच्चे सोशल मीडिया का किस तरह से गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, इसका नमूना आनंद विहार इलाके में देखने को मिला। टीचर से शिकायत करने पर 10वीं कक्षा के एक छात्र ने अपनी क्लास की लड़कियों के साथ कुछ ऐसा किया, जिसने न सिर्फ लड़कियां, बल्कि उनके परिजनों के भी होश उड़ा दिए।
विज्ञापन

2 of 5
classmates
छात्र ने करीब 10 लड़कियों का प्रोफाइल बनाकर एक डेटिंग ऐप पर डाल दिया। फिर क्या था छात्राओं के व्हाट्सऐप पर अश्लील मैसेज व वीडियो आने लगे। यहां तक लोगों ने उनको कॉल करना भी शुरू कर दिया। परिजनों ने आनंद विहार थाने में इसकी शिकायत की, जिसके बाद साइबर सेल ने कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्र को शुक्रवार को दबोच लिया। छात्र को जेजे बोर्ड में पेश कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

X
विज्ञापन

3 of 5
mobile
पुलिस के मुताबिक, पिछले सप्ताह आनंद विहार निवासी एक छात्रा के पिता ने थाने में आकर इसकी शिकायत की थी। उनका कहना था कि उनकी बेटी प्रीत विहार के एक पब्लिक स्कूल में पढ़ती है। किसी ने उनकी बेटी के फोटो और मोबाइल नंबर के आधार पर डेटिंग ऐप पर प्रोफाइल बना दिया, जिसके बाद उनकी बेटी के मोबाइल पर गंदे-गंदे मैसेज, वीडियो और कॉल्स आने लगे। पुलिस को इसी तरह कुल 10 शिकायतें मिलीं।

 

4 of 5
mobile
जिला पुलिस ने साइबर सेल को मामले की जांच सौंप दी। पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के जरिये मामले की छानबीन की। जांच के बाद पुलिस आरोपी 15 वर्षीय किशोर तक पहुंच गई।छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि उक्त छात्र पीड़ित छात्राओं की ही क्लास में पढ़ता है। अक्सर छात्राएं उसकी छोटी-छोटी शिकायत टीचर से कर देती थीं। इसका बदला लेने के लिए आरोपी छात्र ने सोशल मीडिया से उनका फोटो उठाकर डेटिंग ऐप पर प्रोफाइल बना दिया। उनके प्रोफाइल के साथ उनके मोबाइल नंबर भी अटेच कर दिए। छात्र का कहना है कि उसने बदला लेने के लिए ऐसा किया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
mobile
परिजन बोले, ऐसे ऐप का ध्यान रखे पुलिस
परिजनों का कहना है कि ऐसे मोबाइल ऐप का पुलिस खास ध्यान रखे। यदि किसी ऐप पर प्रोफाइल डाला जाता है, तो उसका ओटीपी उसी नंबर पर आना चाहिए, जिस नंबर को ऐसे ऐप में रजिस्टर किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बेहद गंभीरता से ऐसे मामले की छानबीन कर रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें