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जलमग्न दिल्ली: बवाना में 36 घंटे का ब्लैक आउट, पीने का पानी भी नहीं नसीब; घरों में रखे कपड़े भीगे, बच्चे बीमार

Fri, 12 Jul 2024 11:31 PM IST
Vikas Kumar दीपक कार्की, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पानी में भीगने से कई बच्चों को खांसी और बुखार की शिकायत है। 12 वर्षीय विमल ने अपने पिता का हाथ थामकर रोते हुए कहा कि पानी जमा होने से उसके सभी कपड़े भीग गए। भीगे कपड़ों में ही पूरी रात काटनी पड़ी। 
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मुनक नहर टूटने से बवाना के जेजे कालोनी में जल भराव - फोटो : भूपिंदर सिंह
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विस्तार
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मुनक नहर टूटने से दिल्ली के बवाना जेजे कॉलोनी में लगातार 36 घंटे का ब्लैक आउट रहा। बुधवार मध्य रात्रि से शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक इलाके में बिजली नहीं आई। वहीं, हर तरफ पानी भरने से मकानों के ग्राउंड फ्लोर में लगी मोटर खराब हो गई। इससे शुक्रवार देर शाम तक पीने का पानी नहीं मिल सका। उमस भरी गर्मी में बिजली व पानी न मिलने से लोगों को खासी परेशानी का सामना पड़ा। कई बच्चों के बीमार होने की शिकायत भी रही।

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जलभराव में खेलते बच्चे - फोटो : भूपिंदर सिंह
इलाके में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे ज्यादातर बच्चों को बुखार व खांसी की समस्या आम रही। वहीं, कुछ बच्चों के शरीर पर फोड़े निकल आए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकार की अनदेखी से हालात बेकाबू हुए हैं। अगर 15 दिन पहले उनकी नहर में दरार पड़ने की शिकायत पर प्रशासन संज्ञान लेता तो मुनक नहर नहीं टूटती।

बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि में मुनक नहर टूटने के बाद से बवाना जेजे कालोनी समेत दूसरे इलाकों की एहतियातन बिजली काट दी गई। पानी उतरने के बाद शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी। इस बीच लोगों को बगैर बिजली के गुजारा करना पड़ा। दिक्कत पीने का पानी न मिलने से ज्यादा रही। ग्राउंड फ्लोर में पानी भरने से ज्यादातर मकानों की मोटर खराब हो गई। इससे पानी खींचने का भी कोई इंतजाम नहीं रहा। गर्मी में बगैर बिजली और पानी लोगों दोहरी आफत से दो-चार हुए।

दवाई लेकर जाता बच्चा - फोटो : भूपिंदर सिंह
बच्चे हुए बीमार, डेंगू फैलने का भी खतरा
पानी में भीगने से कई बच्चों को खांसी और बुखार की शिकायत है। 12 वर्षीय विमल ने अपने पिता का हाथ थामकर रोते हुए कहा कि पानी जमा होने से उसके सभी कपड़े भीग गए। भीगे कपड़ों में ही पूरी रात काटनी पड़ी। यही शिकायत दूसरे बच्चों की भी रही। शुक्रवार इलाके में लगाए गए स्वास्थ्य जांच शिविर में भी बच्चों में खांसी, जुखाम और बुखार जैसी शिकायतें सामने आई हैं। जांच कर रहे डॉ. जय कुमार ने भी माना कि भीगने से बच्चे बीमार हुए हैं। दोपहर तक 150 लोगों की जांच की। ज्यादातर को खांसी जुखाम की दवा दी गई है। इलाके में अभी किसी तरह के फंगल इंफेक्शन, डेंगू या कोई दूसरी बीमारी फैलने की आशंका नहीं है।

घरों में आई दरार - फोटो : भूपिंदर सिंह
पानी भरने से कुछ घरो में आई दरारें
जेजे कॉलोनी के कुछ घरों में दरारें देखने को मिली। स्थानीय निवासी इसकी वजह मुनक नहर के पानी के भराव को मान रहे हैं। स्थानीय निवासी सूरज पाल ने बताया कि गांव में सीवर लाइन की व्यवस्था बहुत खराब है। लोगों ने घरों में टैंक बनाए हुए हैं। जब बृहस्पतिवार देर रात तेज बहाव से पूरे इलाके में पानी आया तो वह सब भर गए। इससे कई घरों में दरारें आ गई। उनका सवाल है कि इसकी भरपाई कौन करेगा।
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मुनक नहर टूटने से बवाना के जेजे कालोनी में जल भराव - फोटो : भूपिंदर सिंह
पटरी पर लौट रही जिंदगी
इस बीच बवाना की जे, के, एल और एम ब्लॉक से मुनक नहर का पानी निकल चुका है। धीरे-धीरे ही सही लोगों की जिंदगी सामान्य पटरी पर आ रही है। अधिकारियों के दिन रात की मेहनत की वजह से जेजे कॉलोनी में से पानी निकाल लिया गया है। हालांकि, अभी-भी लोग अपने घर और दुकानों को साफ कर रहे हैं। ताकि, काम को दोबारा शुरू कर सकें।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, अधिकारी दिन रात पानी निकालने में लगे हुए थे, जिसकी वजह से आज सुबह से गलियों में पानी निकल गया है और ड्रेन में पानी डाला गया है। उन्होंने बताया कि खाने की सुविधा भी एसडीएम की टीम की तरफ से की गई है। नरेश ने बताया कि पानी निकल गया है। मगर, अभी दो-तीन दिन सब सामान्य होने में लगेगा।
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