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उत्तराखंड में आग से 'हाहाकार': श्रीनगर में मैदान में उतरी वायुसेना, सुलगते जंगलों पर हेलीकॉप्टर से बरसाया पानी

Mon, 06 May 2024 06:42 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर गढ़वाल
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वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने जंगल पर बरसाया पानी - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के जंगलों में अब आग तेजी से फैल रही है। ऐसे में पौड़ी में आग पर काबू पाने के लिए सारे प्रयास फेल होने पर सोमवार को वायु सेना की मदद ली गई। वायुसेना के हेलीकॉप्टर से डोभ श्रीकोट के जंगलों की आग बुझाई गई। हेलीकॉप्टर ने जीवीके परियोजना की झील से पानी लेकर जंगलों पर बरसाया गया। जिसके बाद डोभ श्रीकोट के लोगों ने राहत की सांस ली।

उधर, देवलगढ़ के आस-पास जंगलों में आग की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम के अलावा पुलिस व दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। यहां पर चौकी इंचार्ज अजय कुमार के नेतृत्व में दमकल के वाहन से आग बुझाई गई। कोतवाली निरीक्षक होशियार सिंह पंखोली ने बताया कि देवलगढ़ में कॉपरेटिव बैंक से करीब 200 मीटर पास तक आग पहुंच गई थी, जिसको बुझाने में टीम को सफलता मिली।

Uttarakhand Forest Fire: बार-बार आग लगाने वालों पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट, नुकसान की भरपाई भी आरोपियों से होगी

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वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने जंगल पर बरसाया पानी - फोटो : अमर उजाला
उधर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि अब जंगल में बार-बार आग लगाने वालों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा। साथ ही वन संपदा को हुए नुकसान की भरपाई भी आग लगाने वालों से की जाएगी। उन्होंने कहा कि पौड़ी और अल्मोड़ा में आग बुझाने के लिए एनडीआरएफ की टीम उतारी गई है।

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वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने जंगल पर बरसाया पानी - फोटो : अमर उजाला
वहीं, आग बुझाने के लिए पीएसी, होमगार्ड, पीआरडी के जवान भी तैनात किए जाएंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि इसके लिए युवक और महिला मंगल दलों का भी सहयोग लिया जाएगा। क्लाउड सीडिंग को लेकर आईआईटी रुड़की से बातचीत की जा रही है। वहीं, आग से बचे गांवों को पुरुस्कृत किया जाएगा। 

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वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने जंगल पर बरसाया पानी - फोटो : अमर उजाला
मुख्य सचिव ने बताया कि जिन जिलों और क्षेत्रों में ज्यादा जंगल सुलग रहे हैं, वहां आग पर काबू पाने के लिए पानी के पोर्टेबल छोटे टैंकर किराये पर लेकर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही आग बुझाने वाले छोटे सिलिंडरों की भी व्यवस्था की जाएगी। उधर, स्कूलों और कॉलेजों में प्रार्थना के समय वनाग्नि की रोकथाम को लेकर बच्चों को जागरूक भी किया जाएगा।
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वायुसेना की टीम - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि जंगलों की आग की उत्तराखंड में अब तक 930 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे 1,196 हेक्टेयर से अधिक जंगल जल चुका है। सबसे अधिक 491 घटनाएं कुमाऊं और 365 से ज्यादा घटनाएं गढ़वाल में हुईं, जबकि 74 मामले वन्य जीव क्षेत्र के हैं। बेकाबू हो चुकी आग से अब तक पांच लोगों की मौत और चार लोग झुलस चुके हैं।
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