न्यूजीलैंड ने बंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट में भारत को आठ विकेट से हरा दिया है। 107 रन के लक्ष्य का पीछा करने में कीवी टीम को काफी परेशानी हुई। शुरुआती सत्र में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने अपनी स्विंग से कीवी बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। हालांकि, बल्ले का किनारा लगकर चौके आते रहे और किस्मत ने भी भारतीय गेंदबाजों का साथ नहीं दिया। आइए हम इस मैच में टीम इंडिया से हुई गलती और गुनहगारों के बारे में जानते हैं...
न्यूजीलैंड ने बंगलूरू में खेले गए तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में भारत को आठ विकेट से हरा दिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने पहली पारी में 46 रन बनाए थे। जवाब में न्यूजीलैंड की पहली पारी 402 रन पर समाप्त हुई थी। इस तरह कीवी टीम को 356 रन की बढ़त हासिल थी। दूसरी पारी में भारतीय टीम ने 462 रन बनाए और 106 रन की बढ़त हासिल की। जवाब में न्यूजीलैंड ने 107 रन के लक्ष्य को 27.4 ओवर में दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। भारतीय टीम को पहली पारी में इतना कम स्कोर बनाना भारी पड़ा। कप्तान रोहित शर्मा से भी रणनीतिक चूक हुई। आइए हम इस मैच में टीम इंडिया से हुई गलती और गुनहगारों के बारे में जानते हैं...
विज्ञापन
2 of 6
भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : BCCI
1. टॉस के दौरान गलत फैसला
रोहित ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। हैरानी की बात तो यह थी कि न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लाथम ने भी कहा कि वह टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करते। हालांकि, लाथम के लिए अच्छी बात यह रही कि वह टॉस नहीं जीते। बंगलूरू में टॉस से पहले दो दिन जमकर बारिश हुई थी और पिच कवर्स के नीचे थी। ऐसे में पिच पर नमी थी। इसका फायदा कीवी तेज गेंदबाजों ने उठाया। गेंद खूब स्विंग हुई और भारतीय बल्लेबाज ढेर हो गए।
विज्ञापन
3 of 6
रविचंद्रन अश्विन-रवींद्र जडेजा-अक्षर पटेल-कुलदीप यादव
- फोटो : BCCI/ANI
2. तीन स्पिनर्स को खिलाने का फैसला
भारतीय टीम इस मैच में तीन स्पिनर्स को लेकर उतरी, जबकि कीवी टीम तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरी। भारतीय टीम मैनेजमेंट और कप्तान के इस फैसले ने सभी को हैरान किया। मैच के दूसरे दिन ही कीवी तेज गेंदबाजों ने भारत के इस फैसले को गलत साबित किया जब उन्होंने भारतीय पारी को धराशाई कर दिया। इसके उलट भारत को एक पेसर की कमी खली। इसका फायदा उठाकर न्यूजीलैंड ने 402 रन बना डाले। इस टेस्ट में 32 विकेट गिरे, जिसमें से तेज गेंदबाजों ने 22 विकेट लिए। टीम इंडिया से यहां भी रणनीतिक चूक हुई।
4 of 6
आकाश दीप
- फोटो : PTI
3. आकाश दीप को मौका नहीं देना
बुमराह और सिराज भारत के लीड पेसर हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय में विपक्षी टीम को झटके देने की बात आती है तो आकाश दीप ने पिछले कुछ समय में अच्छी गेंदबाजी की है। वह गेंद को स्विंग कराते हैं और बंगलूरू के ओवरकास्ट कंडीशन में आकाश घातक साबित हो सकते थे। सिराज का फॉर्म कुछ खास नहीं रहा है। वहीं, आकाश दीप ने तीन टेस्ट में आठ विकेट निकाले हैं। इसके अलावा वह थोड़ी बहुत बल्लेबाजी भी कर लेते हैं। बांग्लादेश के खिलाफ आकाश ने कुछ बड़े हिट्स लगाए थे।
विज्ञापन
5 of 6
केएल राहुल
- फोटो : BCCI
4. केएल राहुल को लगातार फ्लॉप होने के बाद मौका देना
साल 2021 के बाद से केएल राहुल का फॉर्म टेस्ट में कुछ खास नहीं रहा है। साल 2022 से लेकर अब तक उन्होंने 12 टेस्ट की 21 पारियों में 25.70 की औसत से 514 रन बनाए हैं। इनमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। 101 रन उनका उच्चतम स्कोर रहा है। साल 2022 में उन्होंने चार टेस्ट की आठ पारियों में 17.13 की औसत से 137 रन बनाए थे, जबकि 2023 में तीन टेस्ट की पांच पारियों में 28.60 की औसत से 143 रन बनाए थे। साल 2024 में अब तक राहुल ने पांच टेस्ट की आठ पारियों में 33.43 की औसत से 234 रन बनाए हैं। इस साल टेस्ट में उन्होंने केवल दो अर्धशतक जड़े हैं। बंगलूरू टेस्ट में राहुल ने पहली पारी में खाता भी नहीं खोला था, जबकि दूसरी पारी में जब भारत को रन की जरूरत थी, तो वह 12 रन बनाकर पवेलियन चलते बने। इतना ही नहीं न्यूजीलैंड की पारी के दौरान राहुल ने एक आसान कैच भी छोड़ा था।
5. सिराज का विकेट नहीं निकाल पाना
भारत के लिए सिराज का अहम मौकों पर विकेट नहीं निकाल पाने की कमजोरी ने परेशानी खड़ी कर दी है। इस साल वह भारत के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में पांचवें नंबर पर हैं। उन्होंने आठ मैच की 16 पारियों में 19 विकेट निकाले हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 47.7 का रहा है, यानी वह पारी में हर 47.7 गेंद पर जाकर विकेट निकाल रहे हैं। अक्षर पटेल और प्रसिद्ध कृष्णा को छोड़ दिया जाए तो सिराज का गेंदबाजी स्ट्राइक रेट इस साल सबसे खराब रहा है।