मृतक सूबेदार मंजीत सिंह और उनकी पत्नी गुरमीत कौर की फाइल फोटो।
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डीएसपी के मुताबिक मृतक के बेटे रविंदर सिंह ने बताया कि वह पुर्तगाल में रहता है और इन दिनों यहां आया है। एक जनवरी को सुबह करीब 11 बजे घर से निकला और रात करीब 10.15 बजे घर आया। घर का दरवाजा अंदर से बंद था, उसने धक्का देकर दरवाजा खोला तो अंदर धुआं था, पत्नी कमरे में कुर्सी से बंधी थी। जैसे ही उसने उसे खोलना चाहा तो बंधन ढीला होकर छूट गया। इसके बाद वह अपने माता-पिता के कमरे में गया और दरवाजा खोला तो अंदर आग लगी थी और दोनों के शव जल थे। उसने पत्नी से पूछा तो उसने बताया कि शाम करीब चार बजे तीन लोग घर में घुस आए और उसे कुर्सी से बांध कर दरवाजा बंद कर दिया और उन्हीं लोगों ने आग लगाई है। रविंदर ने बताया कि वह शादी के तुरंत बाद पुर्तगाल चला गया था और वहीं सेटल हो गया। वहां उसे पता चला कि उसकी पत्नी देर रात किसी अज्ञात व्यक्ति से फोन पर घंटों बातें करती है। उसने अपनी पत्नी को रोका पर वह नहीं मानी। वह उसके माता-पिता को जान से मारने की धमकी देती थी, इसलिए वह सात दिसंबर 2021 को भारत लौट आया।