फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आपके फायदे की बात: खुशहाल रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग जरूरी, अपनाएं ये टिप्स, कभी नहीं रहेंगे खाली हाथ

Fri, 17 Sep 2021 02:17 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
रिटायरमेंट प्लानिंग - फोटो : PIXABAY
सपने देखना आसान होता है लेकिन उन्हें पूरा करना कठिन। इन सपनों को पूरा करने के लिए धन की आवश्यकता होती है। अपने भविष्य को संवारने के लिए हम कड़ी मेहनत तो करते हैं लेकिन महंगाई के इस दौर में अपने सभी सपने पूरे नहीं कर पाते। एक जगह पर हम कई बार चूक जाते हैं और वो है बचत। हम अपने भविष्य के लिए सोचते तो बहुत हैं लेकिन बचत नहीं कर पाते। बचत कर भविष्य के लिए हम एक ऐसी पूंजी तैयार कर सकते हैं, जिसकी मदद से हम रिटायरमेंट के बाद अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं। अपना घर खरीदना, बच्चों की उच्च शिक्षा और उनकी शादी हमारे लिए जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी है बचत। हमें अपने भविष्य के लिए अच्छी फाइनेंशियल प्लानिंग करनी चाहिए।

क्यों जरूरी है रिटायरमेंट की प्लानिंग?
नौकरी करते समय हम मकान व गाड़ी खीदने और बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए ही पूंजी जुटाने में व्यस्त रहते हैं और खुद के लिए योजना बनाने का समय ही नहीं मिलता। लिहाजा आपको यह समझना होगा कि रिटायरमेंट पूंजी जमा करना भी अन्य लक्ष्यों जितना महत्वपूर्ण है। अगर इसमें देरी होती है तो पर्याप्त पूंजी एकत्र करना संभव नहीं होगा और रिटायरमेंट के बाद आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ सकता है। इस लक्ष्य के लिए जितनी जल्दी हो सके अपने निवेश की शुरुआत कर दें।

रिटायरमेंट प्लानिंग के पांच टिप्स-
विज्ञापन

2 of 6
बेहद महत्वपूर्ण है बीमा पॉलिसी  - फोटो : pixabay
बेहद महत्वपूर्ण है बीमा पॉलिसी 
यदि आप रिटायर होने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए उत्तम बीमा योजना होना और भी महत्वपूर्ण है, विशेष तौर पर जब आप पेंशन पर निर्भर हों। अचानक कोई बीमारी बड़ी आर्थिक तबाही ला सकती है। इसलिए समय रहते बीमा कवर ले लेना सदैव बेहतर है। गंभीर बीमारी की हालत में चिकित्सा खर्च में मदद के लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदें। इसके साथ ही गंभीर बीमारियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सालाना स्वास्थ्य जांच और अन्य जांच कराएं, जिससे उनका समय रहते इलाज हो सके। 
विज्ञापन

3 of 6
रिटायरमेंट हेतु निवेश को न टालें - फोटो : PIXABAY
रिटायरमेंट हेतु निवेश को न टालें
आमतौर पर हम रिटायरमेंट के बारे में नौकरी के करीब 30 साल बाद सोचते हैं। नौकरी की शुरुआत में हम रिटायरमेंट हेतु निवेश को टालते रहते हैं। तब युवाओं को ऐसा लगता है कि रिटायमेंट की प्लानिंग बाद में भी की जा सकती है और बचत के लिए अभी काफी समय शेष है। लेकिन वो यह नहीं समझ पाते कि शुरुआत में निवेश करने से उन्हें कंपाउंडिंग का लाभ भी मिल सकता है। इसलिए रिटायरमेंट की प्लानिंग को टालना नहीं चाहिए। अगर आप समय पर रिटायरमेंट की प्लानिंग कर लेंगे, तो आपको जिंदगी में पैसों की चिंता नहीं होगी और इमरजेंसी के वक्त यह पैसा आपके काम आ सकेगा। पेंशन फंड की मदद से आपको रिटायरमेंट के बाद भी हर महीने पैसे मिलते रहेंगे और अपने खर्चे पूरे कर सकेंगे। 

4 of 6
इमरजेंसी फंड का करें इंतजाम - फोटो : pixabay
इमरजेंसी फंड का करें इंतजाम
इसके अतिरिक्त आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी इमरजेंसी में खर्च के लिए आपके पास अतिरिक्त राशि की व्यवस्था पहले से ही हो। इमरजेंसी अगर सेहत को लेकर हो, तो आपको और भी ज्यादा ध्यान देना होगा। भविष्य में अगर किसी कारण आपकी सेहत बहुत बिगड़ जाती है, तो इसके लिए आपके पास फंड का होना बेहद आवश्यक है। 
विज्ञापन

5 of 6
सैलरी का 80 फीसदी ही करें खर्च - फोटो : pixabay
सैलरी का 80 फीसदी ही करें खर्च
फाइनेंशियल प्लानर्स के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को अपनी सैलरी का 80 फीसदी ही खर्च करना चाहिए और 20 फीसदी बचा के रखना चाहिए। जो पैसा आपने जमा किया हुआ है, उसको आप एक लिमिट में निकालकर अपने खर्च को बिगड़ने से बचा सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद के लिए आपके पास सेहत के अतिरिक्त अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए भी पैसे जुड़े होने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
महंगाई को जोड़ना न भूलें - फोटो : pixabay
महंगाई को जोड़ना न भूलें
रिटायरमेंट प्लानिंग करते समय हमें कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। हम भविष्य में होने वाले खर्चों की गणना तो करते हैं लेकिन उसमें महंगाई को जोड़ना भूल जाते हैं। इसकी वजह से आपका बजट भी बिगड़ जाता है। जिन खर्चों का अनुमान हम वर्तमान में लगाते हैं, भविष्य में वही हमें महंगी मिलती है। इसलिए प्लानिंग के समय महंगाई को जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उदाहरण के लिए अगर आज आपका मासिक खर्च 50,000 रुपये प्रति माह है तो हो सकता है कि 20 साल बाद महंगाई जोड़ने के बाद आपका एक महीने का खर्च दो गुना या तीन गुना हो जाए। ऐसे में आपको ऐसी योजना तैयार करनी होगी जिससे आप मोटा पैसा जुटा सकें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें