Study: न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अध्ययन में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने अपने अध्ययन में कहा कि गंगा की घाटी, मैदानी इलाकों और बाढ़ वाले इलाकों में आने वाले समय में अधिक ताकत वाले तूफाने आएंगे। मेकॉन्ग के क्षेत्रों में भी ऐसा ही होने वाला है। अध्ययन के मुताबिक, तूफानों की संख्या कम होगी, लेकिन यह ताकतवर होंगे। ऐसे तूफानों की ताकत 2050 तक इसी तरह बढ़ती चली जाएगी।
न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की टीम ने उष्णकटिबंधीय तूफानों का एक कंप्यूटर सिमुलेशन बनाया। इसके बाद उन्होंने वर्तमान मौसम, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग के हिसाब से डेटा को डाला। इसके बाद जानकारी मिली कि साल 2050 तक इस तरह की तूफानों की संख्या आधी हो जाएगी, लेकिन यह बहुत तीव्र होंगे। तूफान अधिक खतरनाक और शक्तिशाली होंगे। वैज्ञानिकों ने हाई रेजोल्यूशन क्लाइमेट मॉडल्स का अध्ययन किया। इसके बाद यह जानकारी पुख्ता हो गई, जिसके बाद उन्होंने जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स जर्नल में इस अध्ययन को प्रकाशित किया है।