इस गांव में एक कहानी प्रचलित है। लोग कहते हैं कि 100 साल पहले दुर्गापुर नामक इस गांव में दुर्गा प्रसाद नाम के एक राजा का शासन था। उन्हें होली का त्योहार बेहद पसंद था, लेकिन एक रोज होली के दिन ही राजा के बेटे की मौत हो गई। उसके बाद से गांव में जब भी होली का त्योहार मनाया जाता था, वहां या तो सूखा पड़ जाता था या महामारी फैल जाती है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे जाते थे।