शादियां दो तरह की होती हैं। एक शादी का बंधंन वह होता है जहां लड़का-लड़की एक दूसरे को पहले से जानते-समझते हैं, एक दूसरे की पसंद और नापसंद के बारे में भी जानते हैं। ऐसी शादियों को प्रेम विवाह या लव मैरिज का नाम दिया जाता है। दूसरे प्रकार की शादी समाज-परिवार के लोगों द्वारा तय की जाती हैं। अमूमन ऐसी शादियों में युवक युवती को एक दूसरे को समझने और जानने का समय नहीं मिल पाता है। जिसे अरेंज मैरिज या व्यवस्था विवाह की संज्ञा दी जाती है। ज्यादातर मामलों में तो दूसरे प्रकार की शादियां सफल रहती हैं लेकिन कई बार ऐसी जानकारी सामने आती है। जिसका प्रभाव कई जिंदगियों और परिवारों पर पड़ता है। दिल्ली में एक ऐसी ही शादी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है।