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राशि परिवर्तन के बाद ऐसे समझिए आपके जीवन में राहु के अशुभ होने के संकेत

Thu, 24 Sep 2020 11:58 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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राहु-केतु राशि परिवर्तन 2020
राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है। शनि की भांति इन दोनों छाया ग्रहों को क्रूर ग्रह कहा जाता है। लेकिन ज्योतिषशास्त्र में इन दोनों छाया ग्रहों का अपना कोई अस्तित्व नहीं होता। 18 महीनों के बाद 23 सितंबर को राहु और केतु का राशि परिवर्तन क्रमश: वृषभ और वृश्चिक राशि में हुआ है। ज्योतिष शास्त्र में राहु की विशेष भूमिका होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी किसी जातक की कुंडली में राहु अशुभ भाव में आकर बैठ जाते हैं तो जातक के जीवन में तमाम तरह की परेशानियां आने लगती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी किसी की कुंडली में राहु अशुभ होते हैं तब कुछ खास तरह के संकेत मिलने लगते हैं।

Rahu Transit In Taurus: आज से राहु 18 महीनों के लिए रहेंगे वृषभ राशि में, जानिए किस राशि पर कैसा प्रभाव
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राहु-केतु का राशि परिवर्तन 2020
राहु के अशुभ होने के संकेत
1- अगर किसी व्यक्ति को घर के आसपास कई बार मरा हुआ सांप या छिपकली दिखाई दे तो समझिए आपके लिए राहु अच्छे संकेत नहीं दे रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस तरह के संकेतों का मिलना आपके लिए अशुभ राहु के संकेत माना जाता है।
2- अगर घर का कोई पालतु जानवर या पक्षी गुम हो जाए या मर जाए तो ये माना जाता है कि आपके ऊपर अशुभ राहु की छाया है। 
3- जब याददाश्त कमजोर होने लगे तो यह अशुभ राहु के संकेत माना जाता है।
 
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कुंडली में राहु
4- वाद-विवाद बढ़ने लगे और परिवार के सदस्यों के बीच आपस में मनमुटाव होने लगे तो इसे भी अशुभ राहु के संकेत माना जाता है।
5- जब अचानक नाखून और सिर के बाल गिरने लगे तो समझिए आपकी कुंडली में राहु अशुभ घर में बैठे हुए हैं।
 
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rahu transit 2020
राहु को प्रसन्न करने के उपाय
राहु बीज मन्त्र: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम: (108 बार) का जप करें। इसके अलावा दुर्गा चालीसा का पाठ करने से भी राहु का अशुभ छाया का प्रभाव कम होने लगता है। रोजाना पक्षियों को दाने खिलाएं और शिवलिंग पर जलाभिषेक करें।
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