वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि का राशि परिवर्तन बहुत ही विशेष होता है। शनि के राशि परिवर्तन करने पर सभी 12 राशियों के जातकों के साथ-साथ देश-दुनिया पर भी पड़ रहा है। वैदिक शास्त्र की गणना के मुताबिक शनि इस साल अपनी राशि परिवर्तन नहीं करेंगे, क्योंकि शनि किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि अभी अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में मौजूद हैं। शनि का इस साल भले ही राशि परिवर्तन न हो लेकिन ये समय पर अपनी स्थिति में बदलाव करते रहेंगे। शनिदेव 11 फरवरी को शाम 6 बजकर 56 मिनट पर कुंभ राशि में अस्त हो जाएंगे। यहां पर अस्त होने के मतलब शनि सूर्य के नजदीक होंगे, जिससे शनि का प्रभाव सूर्यदेव के तेज के आगे क्षीण हो जाएगा। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक तरफ जहां शनि के अस्त होने से कुछ राशियों को विशेष लाभ मिल सकता है तो दूसरी तरफ इसका नुकसान कुछ राशियों को हो सकता है। शनि के अस्त होने पर कुछ राशि वालों की परेशानियां बढ़ सकती हैं, आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं शनि के अस्त होने की स्थिति में किन-किन राशि वालों को संभलकर रहना होगा।