वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल का विशेष महत्व होता है। समय-समय पर सभी ग्रह एक नियमित अंतराल पर राशि परिवर्तन करते हैं, जिसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों के ऊपर पड़ता है। सभी ग्रहों में शनि सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह माना जाता है। शनि किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि साल 2024 में अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में मौजूद हैं। बीते साल शनि का राशि परिवर्तन हुआ था, जहां वे मकर राशि की यात्रा को विराम देते हुए कुंभ राशि की यात्रा आरंभ की थी। शनि कुंभ राशि में साल 2025 तक इसी राशि में होंगे। हालांकि शनि अपनी स्थिति में समय-समय पर परिवर्तन करते रहेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि 11 फरवरी 2024 को कुंभ राशि में अस्त हो जाएंगे फिर 26 मार्च को उदय हो जाएंगे। इस तरह से शनि 38 दिनों तक अस्त अवस्था में रहेंगे। वैदिक ज्योतिष में जब भी कोई ग्रह अस्त होता है तो इसका प्रभाव सभी राशि के जातकों के जीवन पर जरूर पड़ता है। ऐसे में शनि के 38 दिनों तक अस्त रहने के कारण कुछ राशियों के ऊपर इसका प्रभाव जरूर पड़ेगा।