फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानिए ग्रहों की अशुभता से होने वाली परेशानियां और उनके निवारण

Mon, 24 Feb 2020 01:56 PM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 10
navgrah - फोटो : navgrah
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह कमजोर या किसी शत्रु ग्रह से दृष्ट हो तो उस व्यक्ति को उस ग्रह से संबंधित तमाम तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। आइए जानते हैं कि किस ग्रह की अशुभता से कौनसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन

2 of 10
सूर्य देव
सूर्य ग्रह सभी ग्रहों का मुखिया है। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, सूर्य की अशुभता के कारण हृदय रोग, उदर विकार, धन नाश, ऋण, झूठे अभियोग लगते हैं। सूर्य ग्रह की अशुभता को दूर करने के लिए सूर्य देव की आराधना करें। इसके लिए हरिवंश पुराण का पाठ, विष्णुजी की उपासना करें। इसके अलावा गेहूं, गुड़ एवं तांबें का दान करने से भी सूर्य ग्रह के दोषों से छुटकारा मिलता है।
विज्ञापन

3 of 10
चंद्र देव - फोटो : अमर उजाला
चंद्रमा की अशुभता से मानसिक तनाव, चिंता, मानसिक दुर्बलता, फेफड़ों के रोग, माता की बीमारी एवं आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। चंद्रमा दोष के निवारण के लिए जातकों को अपने कुल देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए। ॐ नमः शिवाय मंत्र से शिव की उपासना करें। महामृत्युंजय का जाप करें। इसके साथ ही चावल, दूध और चांदी का दान करें।

4 of 10
मंगल देव - फोटो : अमर उजाला
मंगल ग्रह के अशुभ परिणाम से जातकों को जिगर से संबंधित रोग और होठ फटते हैं। मंगल की अशुभता के कारण रक्त से संबंधित रोग भी होते हैं। मगल के बुरे प्रभावों से बचने के लिए जातकों को हनुमान जी की आराधना करनी चाहिए। हनुमान चालीसा का पाठ करें। साथ ही गायत्री मंत्र का भी जाप कर सकते हैं। हनुमान जी के मंदिर में प्रसाद चढ़ाएं एवं बांटें। मसूर और लाल मूंग की दाल का दान करें।
विज्ञापन

5 of 10
बुध देव - फोटो : अमर उजाला
बुध की अशुभता से स्नायु रोग एवं दंत विकार होते हैं। बुध दोष के निवारण के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। मां दुर्गा की उपासना करें। साथ ही साबूत मूंग की दाल दान में दें। 
विज्ञापन

6 of 10
बृहस्पति देव - फोटो : अमर उजाला
गुरु की अशुभता से पुत्र की हानि, गले के रोग एवं मोटापे जैसी शारीरिक समस्याएं होती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुरु दोष निवारण के लिए हरि पूजन करें। हरिवंश पुराण का पाठ करें। ब्रह्मा जी की उपासना करें। चने की दाल या सोना दान करें।
विज्ञापन

7 of 10
शुक्र देव - फोटो : अमर उजाला
शुक्र की अशुभता से भौतिक जीवन में आर्थिक परेशानियां और जननांग से जुड़ी समस्याएं आती हैं। शुक्र दोष के निवारण के लिए धन की देवी लक्ष्मी माता की पूजा करें। समाजिक सरोकार के कार्य करें। जरूरतमंद लोगों की सेवा करें। घी, कपूर, दही और मोती का दान करें।

8 of 10
शनि देव - फोटो : अमर उजाला
शनि की अशुभता से अग्निकांड, दुर्घटना, आयोग्य संतान, आंखों के रोग होते हैं। शनि दोष निवारण के लिए शनिदेव की आराधना करनी चाहिए। भैरव देव की उपासना करनी चाहिए। लोहा या काली उड़द दान करें।

9 of 10
राहु देव - फोटो : अमर उजाला
राहु की अशुभता के कारण सिर में चोट, राजकोप का शिकार, मानसिक तथा क्षय रोग होते हैं। राहु दोष निवारण के लिए सरस्वती की पूजा करें। बेटी की शादी के लिए गरीब माता-पिता की मदद करें। सरसों एवं नीलम का दान करें।
विज्ञापन

10 of 10
केतु देव - फोटो : अमर उजाला
केतु की अशुभता से व्यक्ति विश्वासघात का शिकार होता है। इसके साथ ही घुटनों में दर्द, एवं मूत्र विकार का सामना करना पड़ता है।केतु दोष के निवारण के लिए गणेश जी की पूजा करें। कपिला गाय एवं तिल का दान करें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें