पुलिस ने टैक्सी चालक के सहयोग से महिला को गिरफ्तार कर बच्चे को उसके मां बाप को सौंप दिया।
सरकार को गिराने और बचाने के लिए चल रही सियासी जंग के बीच पुलिस ने विधायकों के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी है। विधायक तो अपने-अपने खेमों के साथ हैं, लेकिन परिजनों की सुरक्षा के चलते घरों पर गारद लगा दी गई है। कई विधायकों की तरफ से आई शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया है।
राजधानी में करीब 15 विधायकों के आवास पर यह व्यवस्था लागू की गई है। सूत्रों का कहना है कि दो विधायकों ने गोपनीयता भंग होने की बात कहकर सुरक्षा हटाने के लिए कहा है।
निगरानी में रखे हैं दोनों खेमे अपने-अपने विधायकों को
सीएम हरीश रावत की सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले कांग्रेस के नौ विधायकों के साथ भाजपा के खड़े होने के कारण प्रदेश का सियासी माहौल गरमा गया है। दोनों खेमे अपने-अपने विधायकों को निगरानी में रखे हैं।
इसी बीच कई विधायकों ने पेशबंदी को लेकर धमकियां मिलने की शिकायत की तो पुलिस गंभीर हो गई। राजधानी क्षेत्र में रहने वाले करीब 15 विधायकों के आवास पर गारद तैनात की गई है।
इस व्यवस्था के तहत विधायकों के आवास पर एक हेड कांस्टेबल और दो सिपाही तैनात किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. सदानंद दाते ने बताया कि विधायकों में चल रही खींचतान के मद्देनजर यह फैसला किया गया है। सभी विधायकों को यह सुरक्षा दी गई है। यदि कोई विधायक सुरक्षा के लिए मना करेगा तो उसे वापस कर लिया जाएगा।