मनी लांड्रिंग की जांच कर रहे भारतीय रिजर्व बैंक ने देश के तीन प्रमुख निजी बैंकों पर नियमों की अनदेखी करने पर पांच करोड़ दस लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया है।
रिजर्व बैंक ने इसके तहत एक्सिस बैंक पर पांच करोड़ दस लाख रुपए, एचडीएफसी बैंक पर 4.5 करोड़ रुपए और आईसीआईसीआई बैंक पर एक करोड़ दस लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
रिजर्व बैंक ने ऑनलाइन पोर्टल द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में तीनों बैंकों पर मनीलांड्रिंग के आरोप की जांच करने के बाद यह कार्रवाई की है। हालांकि रिजर्व बैंक ने तीनों बैंकों को सीधे तौर पर मनीलांड्रिंग की गतिविधियों में शामिल होने से कुछ हद तक बरी कर दिया है।
सोमवार को रिजर्व बैंक द्वारा जारी विवरण के अनुसार तीनों बैंकों पर मनीलांड्रिग में लिप्त होने का सीधे तौर पर कोई प्रमाण जांच में नहीं मिला है। इसके बावजूद रिजर्व बैंक ने अभी इन बैंकों को पूरी तरह से क्लीन चिट मनी लांड्रिंग के मामले में नहीं दी है।
रिजर्व बैंक के अनुसार मनीलांड्रिंग के आरोपों की जांच टैक्स और प्रर्वतन निदेशालय की एजेंसिया भी कर रही हैं। ऐसे में इस संबंध में पूर्ण निष्कर्ष एजेंसियों की जांच के बाद ही सामने आएगा।
रिजर्व बैंक ने अपनी जांच में तीनों बैंकों पर दूसरे कई मामलों में नियमों की अनदेखी करने की बात कही है। जांच रिपोर्ट के अनुसार बैंकों ने केवाईसी नियमों और एंटी मनीलांड्रिंग नियमों के तहत जोखिम संबंधी नियमों का सही से पालन नहीं किया है।
बैंकों ने ग्राहकों के पैनकार्ड का विवरण लेने में भी लापरवाही बरती है। नॉन रेजिडेंट ऑर्डिनरी खातों (एनआरओ) में जमा हो रहे नकद के स्रोत की भी बैंकों ने जांच नहीं की है। रिजर्व बैंक के अनुसार बैंकों ने इसी तरह सहकारी बैंकों के द्वारा चेक भुगतान संबंधी नियमों नियमों की अनदेखी की गई है।
दूसरे बैंकों पर भी लग सकता है जुर्माना
कोबरापोस्ट ने तीन चरणों में देश के करीब 30 सरकारी और गैर-सरकारी बैंकों पर मनीलांड्रिंग का आरोप लगाया था। पहले चरण के तहत आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक पर आरोप लगे थे। जिसकी जांच के बाद आरबीआई ने सोमवार को कार्रवाई की है।
दूसरे आरोपी बैंकों में एसबीआई, पीएनबी, बैक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, केनरा बैंक जैसे सार्वजनिक बैंकों के अलावा इंडसइंड बैंक, आईएनजी वैश्य, यस बैंक जैसे निजी बैंक शामिल है। जिसकी जांच आरबीआई कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन बैंकों पर भी आरबीआई जुर्माना लगा सकता है।
भारी जुर्माने के पक्ष में वित्त मंत्रालय
आरबीआई ने भले ही इन बैंकों पर कार्रवाई कर अभी तक का सबसे भारी जुर्माना लगाया है। पर वित्त मंत्रालय इससे भी ज्यादा जुर्माना लगाने के पक्ष में हैं।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी मुंबई में बैंकों की समीक्षा के दौरान 500 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान करने की बात कह चुके हैं। हालांकि इसे उन्होंने अपनी निजी राय बताया था।