अपने वरिष्ठ अधिकारी के साथ पत्नी की अदला-बदली के मामले में नौसेना अधिकारी को केरल हाई कोर्ट ने जमानत देने से इंकार कर दिया है।
इस मामले में लेफ्टिनेंट रवि किरण की पत्नी ने उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत की थी।
जस्टिस केमाल पेशा ने कहा कि यह एक तरह का गंभीर अपराध है, जिस पर जमानत देना उचित नहीं है। नौसेना अधिकारी के साथ पुलिस के नरम व्यवहार पर भी न्यायालय ने अंगुली उठाई।
अधिकारी को मिली पुलिस सुरक्षा की निंदा करते हुए जस्टिस पेशा ने कहा कि पुलिस को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए तथा मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।
अदालत ने कहा कि इस मामले को एक तरह से गैंगरेप की घटना के रूप में देखा जाना चाहिए।
मामले में प्रताड़ित महिला का एर्नाकुलम के अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके बावजूद पुलिस वैवाहिक संबंधी प्रकरण के रूप में ही जांच कर रही है।
रवि किरण ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि पारिवारिक विवाद के बाद पत्नी से तलाक लेने के लिए जब उसने फैमिली कोर्ट में अर्जी दी तो पत्नी ने उस पर पत्नी की अदला-बदली के आधारहीन आरोप लगाए।
नौसेना भी पति-पत्नी के विवाद की जांच कर रही है। पत्नी ने नौसेना प्रमुख के पास पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न मामले के तहत शिकायत की थी।