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Ujjain: महाकाल मंदिर प्रशासक ने पुजारी को भेजा नोटिस, पूछा- क्यों ना आपको पद से हटा दिया जाए, जानें पूरा मामला

Wed, 12 Jul 2023 03:31 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

मुरैना के श्रद्धालु के साथ अनादि कल्पेश्वर महादेव मंदिर में मारपीट की घटना होने के बाद महाकाल मंदिर प्रशासक ने पुजारी को कारण बताओ नोटिस भेजकर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।
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महाकाल मंदिर प्रशासक ने पुजारी को भेजा कारण बताओ नोटिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार को मुरैना से आए श्रद्धालु दिलीप के साथ अनादि कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी प्रतिनिधि ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए दुर्व्यवहार किया था। बात मारपीट तक पहुंच गई थी।  विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, जिसके बाद पूरे मामले की शिकायत महाकाल मंदिर प्रशासक संदीप सोनी के पास भी पहुंची थी। इस मामले को प्रशासक संदीप सोनी ने तत्काल संज्ञान में लेते हुए अनादि कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी राहुल दुबे को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है, यदि पुजारी समय सीमा में अपना जवाब नहीं दे पाते हैं तो उन पर कड़ी कार्रवाई करने की बात भी पत्र में लिखी गई है। 
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महाकाल मंदिर प्रशासक संदीप सोनी द्वारा जारी किए गए कारण बताओ सूचना पत्र पुजारी राहुल दुबे अनादिकल्पेश्वर महादेव मंदिर श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन के नाम पर जारी किया गया है, जिसमें उल्लेखित किया गया हैं कि 11 जुलाई 2023 को सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से ऐसा संज्ञान में आया है कि अनादिकल्पेश्वर महादेव मंदिर में आपके द्वारा स्वयं के स्थान पर अनाधिकृत व्यक्तियों को बैठाया जा रहा है, जो कि बड़ी मात्रा में ताबीज, रुद्राक्ष इत्यादि विक्रय कर रहे हैं, जबकि कार्यालयीन आदेश क्रमांक 1180 दिनांक 21/04/2023 एवं 1881 दिनांक 06/07/2023 द्वारा श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में अनाधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है, साथ ही श्रद्धालुओं से रुपये लेकर कलावा, धागा इत्यादि बांधा जा रहा है, तथा रुपये लेकर मंदिर के अंदर प्रवेश दिया जा रहा है व श्रद्धालुओं के साथ अशोभनीय, अमर्यादित आचरण कर अभद्र भाषा का उपयोग कर श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत की जा रही है, जिससे मंदिर की प्रतिष्ठा प्रभावित होकर, छवि धुमिल हो रही है। मंदिर की प्रतिष्ठा का अल्पीकरण भी हो रहा है। अतः क्यों न मंदिर अधिनियम की धारा 18 ( 2 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपको पुजारी के पद से पृथक किया जावे। उक्त संबंध में अपना जवाब पत्र प्राप्ति से 24 घंटे के भीतर अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें, निश्चित समयावधि में जवाब प्राप्त न होने की दशा में एक पक्षीय कार्रवाई की जावेगी, जिसके लिए आप व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी रहेंगे।

अमर उजाला ने भी प्रमुखता से उठाया था मामला
मुरैना के श्रद्धालु के साथ महाकाल मंदिर परिसर में की गई अभद्रता का मामला अमर उजाला ने भी प्रमुखता से उठाया था और इस मामले से जिम्मेदारों को भी अवगत कराया था, जिसके बाद मंदिर की छवि धूमिल ना हो ऐसे मद्देनजर रखते हुए तत्काल प्रशासक ने यह कार्रवाई की है।
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