बुधवार सुबह रामघाट पर स्नान दान पुण्य करने पहुंचे लोग आश्चर्यचकित रह गए, क्योंकि मंगलवार देर रात तक हो रही बारिश का कुछ ऐसा असर दिखाई दिया कि मां शिप्रा में बाढ़ ही आ गई हो। सुबह छोटी रपट के साथ ही रामघाट पर भी घुटने तक पानी रहा।
मां शिप्रा तैराक दल के सचिव संतोष सोलंकी ने बताया कि इस वर्ष श्रावण मास में पहली बार मां शिप्रा का यह रूप दिखाई दे रहा है। बुधवार सुबह मां शिप्रा में स्नान करने और दान पुण्य करने पहुंचे लोग इस दृश्य को देखते ही रह गए। छोटी रपट पर पानी होने के साथ ही रामघाट पर भी घुटने तक पानी रहा इस दौरान कोई अनहोनी घटित ना हो इसलिए शिप्रा तैराक दल के सदस्य यहां मुस्तैदी से तैनात रहे। बताया जा रहा है कि उज्जैन ही नहीं आसपास के क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। मां शिप्रा का जलस्तर बढ़ने से घाट पर बने कई मंदिर जलमग्न हो गए हैं, जिसके कारण लोगों को उनकी पूजन किए बिना ही लौटना पड़ा।