डॉक्टर के घर के सामने मौजूद भीड़।
कोतवाली थाना क्षेत्र की आशीर्वाद कॉलोनी में आठ वर्षीय बालिका के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। पुलिस ने बालिका के बयान के आधार पर डॉक्टर की पत्नी शांति उर्फ गुड़िया प्रजापति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बालिका ने आरोप लगाया है कि गलती होने पर उसे मारपीट करने के साथ गर्म चिमटे से जलाया जाता था। मामले में डॉक्टर बीआर प्रजापति के खिलाफ फिलहाल एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान उनकी भूमिका सामने आने पर उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर मामले में धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं।
जानकारी के अनुसार, बालिका उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की रहने वाली है और उसके माता-पिता नहीं हैं। बताया जा रहा है कि करीब छह महीने पहले डॉक्टर दंपती उसे बांदा से शहडोल लेकर आए थे। उसे अपनी छोटी बच्ची की देखरेख के लिए घर में रखा गया था। बुधवार को बालिका कथित तौर पर डॉक्टर के घर से निकलकर पड़ोस के एक मकान में पहुंची। वहां उसने रोते हुए अपने साथ हो रही ज्यादती की जानकारी दी। पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और बालिका को संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। इसके बाद से बालिका समिति की देखरेख में है। पुलिस ने बालिका के बयान दर्ज किए, जिसके आधार पर शांति उर्फ गुड़िया प्रजापति के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया।
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बहन और जीजा पहुंचे, दस्तावेज नहीं होने पर नहीं मिली बालिका
शुक्रवार को बालिका की बहन और उसका पति उसे लेने बाल कल्याण समिति के कार्यालय पहुंचे। समिति अध्यक्ष कल्याणी वाजपेयी के अनुसार, उनके पास ऐसे पुख्ता दस्तावेज नहीं थे, जिनसे यह साबित हो सके कि बालिका उनकी बहन है। पहचान और रिश्ते की पुष्टि नहीं होने के कारण समिति ने बालिका को उनके साथ भेजने से इनकार कर दिया। आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि बालिका के बयान के आधार पर शांति उर्फ गुड़िया प्रजापति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच जारी है। जांच में डॉक्टर बीआर प्रजापति की भूमिका सामने आती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है और प्रकरण में धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।