राजगढ़ जिले के लोग बीते एक महीने से एक आदमखोर लंगूर से काफी परेशान थे, लेकिन अब लंगूर के पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। बीते एक माह में लंगूर जिले के 25 से ज्यादा लोगों को काट चुका है। रहवासी लंगूर के आतंक से इतने ज्यादा परेशान थे कि उन्होंने खुद को लंगूर के हमले से बचाने के लिए बंदूक उठा ली थी।
जानकारी के अनुसार करीब एक माह पहले राजगढ़ शहर की पीटी कंपनी के तीन लोगों को लंगूर ने अपना शिकार बनाया था, उसी दौरान लोगों ने इसकी शिकायत वन अमले से की थी, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी वन विभाग ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। धीरे-धीरे लंगूर ने और लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया। लंगूर का आतंक फैलने के बाद वन अमले ने उसे पकड़ने के लिए प्रयास भी किए थे, देवास से लंगूर को पकड़ने के लिए एक व्यक्ति को बुलाया गया था, लेकिन सफलता नहीं मिली थी।
लंगूर के खौफ से लोगों ने घर से निकलना तक छोड़ दिया। लोगों की शिकायतों के बाद एक बार फिर वन विभाग ने लंगूर को पकड़ने की कोशिशें तेज की और बुधवार शाम को उज्जैन वन विभाग से एक टीम लंगूर को पकड़ने आई थी। देर शाम उज्जैन की टीम को खबर मिली कि आदमखोर लंगूर पुरोहित पेट्रोल पंप के पास बिल्डिंग पर बैठा है। सूचना पर तत्काल टीम पहुंची और लंगूर को पकड़ने के लिए रेस्क्यू किया गया। करीब दो से तीन घंटे की मशक्कत के बाद लंगूर को बेहोश कर पिंजरे में कैद कर लिया गया है।
गुरुवार की सुबह होश में आने के बाद लंगूर पिंजरे में ही फड़फड़ाता हुआ नजर आया। उसने ताकत लगाकर बाहर निकलने की कोशिश भी की। वन विभाग के सहायक परिक्षेत्र अधिकारी मोहनसिंह सोनगिरा ने बताया कि लंगूर को पकड़ने के लिए दो टीमें पहले बुलवाई जा चुकी थी, लेकिन वह भी फेल रहीं, तीसरी टीम उज्जैन से आई और उसके साथ हम लोगों ने भी मेहनत की और लंगूर को पकड़ा। वन परिक्षेत्र अधिकारी गौरव गुप्ता ने बताया कि उज्जैन की टीम ने रेस्क्यू आपरेशन कर नगरपालिका व स्थानीय लोगों की मदद से पकड़ा है और उसे बस्ती आबादी वाले क्षेत्र से दूर घने जंगलों में छोड़ा जाएगा ताकि वह दोबारा लोगों पर हमला न कर पाए।
वहीं, राजगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष विनोद साहू ने बताया कि लंगूर को पकड़ने के लिए हमने जो 21 हज़ार रुपये इनाम की घोषणा की थी, वो कलेक्टर के माध्यम से उज्जैन की टीम को दिया जाएगा और स्थानीय समाजसेवियों को प्रशंसा पत्र वितरित किए जाएंगे। लंगूर के पकड़ने जाने के बाद स्थानीय रहवासियों व बच्चों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है। छह साल के मुहम्मद हाशिम अन्सारी ने बताया कि लंगूर के डर और दहशत की वजह से वो घर के बाहर भी नहीं निकल पा रहे थे। अब लंगूर पकड़ा गया है, तो कम से कम वो घर के बाहर बेख़ौफ होकर खेल तो सकते हैं।