केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने महिला आरक्षण 128वां संविधान संशोधन करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 बिल लोकसभा में पेश करते हुए पूरे देश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। एक तरफ विपक्ष इस कानून में खामियां निकालते हुए इसे जुमला बता रहा है तो वहीं महिलाओं से इसे देश की प्रगति में महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने वाला कानून बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते दिखे।
ऐसी ही एक महिला हैं अलका जैन, जो की मध्यप्रदेश सरकार की पूर्व विधायक व शिक्षामंत्री रह चुकी हैं। जिन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी ने इसे लाने की कोशिश की थी। लेकिन उस वक्त बहुमत न होने के कारण वो विफल रहे। लेकिन उस सपने को पीएम मोदी जी ने आज पूरा किया है। इससे महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा। अभी तक सबसे ज्यादा महिला आरक्षक टिकट वितरण में राजस्थान रहा, जो 14 फीसदी रहा। लेकिन मोदी ने यह कानून लाकर इतिहास रच दिया है और अब महिलाएं विधानसभा और लोकसभा में पहुंचकर देश का विकास करेंगी।
देखा जाए तो महिलाएं अब हर क्षेत्र में बेहतर काम करते दिखती हैं और इसकी शुरुआत हमारे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नगर निगम में 50 फीसदी महिला आरक्षण लागू करते हुए किया था, जिसका अब असर भी देखने मिलता है कि वो किस तरह अपने काम से नाम कमा रही हैं। कटनी से विधायक रह चुकी अलका जैन बताती हैं, दो दशक से जिले में कोई महिला को विधायक की टिकट नहीं दिया गया। लेकिन अब इस अधिनियम के आने से शहर को चार में से एक विधानसभा में महिला विधायक मिलेगा।
मध्यप्रदेश में अभी 280 सीट है, इस हिसाब से 33 फीसदी देखा जाए तो 70 से 80 सीटों पर महिलाओं को टिकट बांटी जाएगी। ऐसे ही लोकसभा में 181 टिकटों में महिलाओं का हक होगा। आपको बता दें, विधेयक पेश करते हुए कानून मंत्री ने कहा कि यह विधेयक महिला सशक्तिकरण करेगा। संविधान के अनुच्छेद-239ए में संशोधन करके महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। अनुच्छेद 330ए के तहत सदन में एससी/एसटी महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी। महिलाओं के नेतृत्व में विकास के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए हमारी सरकार एक प्रमुख संविधान संशोधन विधेयक पेश किया है।