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MP News: अवैध हिरासत के दौरान एकत्र सबूत को बतौर साक्ष्य पेश न करें, हाईकोर्ट का तेलंगाना पुलिस को निर्देश

Wed, 25 Oct 2023 10:49 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

भोपाल के प्रोफेसर की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि तेलंगाना पुलिस ने 11 फरवरी 2022 को कथित फर्जी डिग्री घोटाला मामले में उसे भोपाल से गिरफ्तार किया था। तेलंगाना पुलिस ने उसे 14 फरवरी 2022 तक अवैध रूप से अभिरक्षा में रखते हुए मारपीट की थी। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने अपने अहम आदेश में कहा है कि तेलंगाना पुलिस अवैध हिरासत के दौरान एकत्र किए साक्ष्य को आरोपी के खिलाफ साक्ष्य के तौर पर न्यायालय में पेश नहीं करेगी। एकलपीठ ने अपने आदेश में याचिकाकर्ता को अवैध रूप से हिरासत में रखने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वतंत्रता दी है।
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भोपाल के प्रोफेसर की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि तेलंगाना पुलिस ने 11 फरवरी 2022 को कथित फर्जी डिग्री घोटाला मामले में उसे भोपाल से गिरफ्तार किया था। तेलंगाना पुलिस ने उसे 14 फरवरी 2022 तक अवैध रूप से अभिरक्षा में रखते हुए मारपीट की थी। इस दौरान पुलिस ने उसके साथ मारपीट करते हुए कागजों में हस्ताक्षर करवाए थे, तेलंगाना पुलिस द्वारा उसके खिलाफ 14 फरवरी को एफआईआर दर्ज की गई थी और गिरफ्तारी हैदराबाद से बताई थी।

याचिका की सुनवाई के दौरान तेलंगाना पुलिस पुलिस की तरफ से बताया गया कि उनकी टीम दूसरे मामले में 11 फरवरी को भोपाल गई थी। सुनवाई के दौरान तेलंगाना पुलिस यह बताने में असमर्थ रही कि वह किस मामले में भोपाल गई थी। सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने पाया याचिकाकर्ता को हैदराबाद में गिरफ्तार नहीं किया गया था। जैसा कि तेलंगाना पुलिस ने दावा किया था उन्हें कथित तौर पर बिना गिरफ्तारी वारंट या स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना भोपाल से अवैध रूप से हिरासत में लिया था।
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याचिकाकर्ता की तरफ से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि तेलंगाना पुलिस को निर्देशित किया जाता है कि याचिकाकर्ता की अवैध गिरफ्तारी के दौरान पुलिस द्वारा एकत्र किए गए सबूतों का उपयोग लंबित आपराधिक मुकदमे में साक्ष्य के तौर पर नहीं किया जाए। एकलपीठ ने डीजीपी को दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की स्वतंत्रता दी है।
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