इंदौर जिले की सांवेर तहसील के धनखेड़ी गांव में तीन मासूमों की पत्थर खदान में डूबने से मौत हो गई। अवैध खनन के कारण यह खदान बन गई थी और बारिश के कारण उसमें पानी भर गया। घटना के विरोध में कांग्रेस ने चक्काजाम किया। पुलिस ने खदान मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। क्षेत्र के विधायक व मध्य प्रदेश के मंत्री तुलसी सिलावट ने मृत बच्चों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
एक चरवाहे ने बच्चों के कपड़े देखकर गांव वालों को सूचना दी। इसके बाद गांव के लोग व पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों के शव निकाले गए। चरवाहे मुरली ने बताया कि वह रोज पशु चराने पहाड़ी के पास जाता है। गुरुवार को उसे खदान के पास कुछ कपड़े दिखाई दिए। इसके बाद उसने खदान में बच्चों को डूबा हुआ पाया।
मृत बच्चों की पहचान आकाश (14), हरीश (10) और लोकेश (15) के रूप में हुई है। बच्चों की मौत पर स्थानीय लोगों ने कांग्रेस नेता रीना बौरासी व अन्य कार्यकर्ताओं के साथ चक्का जाम किया। इसके बाद पुलिस ने खदान मालिक दर्शन सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया।
आकाश व लोकेश इकलौते थे
ग्रामीणों ने बताया कि आकाश घर का इकलौता चिराग था। वहीं लोकेश के पिता की मौत हो चुकी है और वह अपनी मां का इकलौता बेटा था। हरीश चार बहनों में अकेला भाई था। ये तीनों बच्चे गुरुवार दोपहर नहाने के लिए घर से निकले थे।
अवैध खनन के कारण बनी खदान
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में चार सालों से अवैध खनन चल रहा है। जेसीबी और पोकलेन मशीनों से पहाड़ खोदकर गिट्टी निकाली जाती है। इस वजह से इलाके में 20 से 30 फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश के दौरान यहां नहाने आते हैं। ये बच्चे भी नहाने के दौरान ही डूब गए।