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इंदौर की ग्राम पंचायतों का कारनामा: सिर्फ मिठाई पर ही खर्च कर दिए 60 हजार रुपये 

Wed, 20 Oct 2021 08:17 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

ग्राम पंचायतों में अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने सख्त लहजे में कहा है कि दोषी सरपंचों को पद से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।  
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विस्तार
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ग्राम पंचायतों का काम है गांवों में मूलभूत सुविधा मुहैया करवाना और विकास की इबारत लिखना, लेकिन इंदौर जिले की कुछ ग्राम पंचायतों ने तो गजब ही कर दिया। एक पंचायत ने बर्फी, काजू कतली पर ही 60 हजार खर्च कर दिए तो दूसरी पंचायत ने इससे बड़ा कारनामा किया। जिस भृत्य की नियुक्ति नहीं हुई उसके नाम से खरीदी कर ली। 

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इंदौर जिले में ग्राम पंचायतों में खरीदी, निर्माण कार्य, स्टॉक रजिस्टर में हेराफेरी  सहित अन्य वित्तीय अनियमितताएं एवं गबन करने पर 4 सरपंचों एवं ग्राम पंचायत सचिवों के विरुद्ध प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। दोषियों के खिलाफ एफआईआर करवाई गई है। कलेक्टर मनीष सिंह ने सख्त लहजे में  कहा है कि दोषी सरपंचों को पद से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। पंचायत सचिवों को निलंबित किया जाएगा। 

दरअसल, वित्तीय अनियमितता गबन, हेराफरी, भण्डार व लेखा नियमों के विपरित राशि आहरित करना पाया गया था। इस पर ग्राम पंचायत मुरादपुरा के सरपंच  हरी परमार, ग्राम पंचायत पुवार्डाहप्पा के सरपंच सिकंदर पटेल, ग्राम पंचायत कांकरियाबोर्डिया के सरपंच कृष्णा गोपाल पांचाल एवं ग्राम पंचायत जिन्दाखेड़ा की सरपंच रिंकू राहुल राठौर व सचिव रामप्रसाद राठौर के विरुद्ध पुलिस थाना क्षिप्रा, सांवेर एवं चंद्रावतीगंज में आईपीसी 120 बी, 406, 407 420 के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
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शिकायत मिलने पर बनाए थे जांच दल
ग्राम पंचायतों में विसंगतियों के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थी। इस पर प्रशासन नजर रखे हुए था। शिकायतों को संज्ञान में लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने ग्राम पंचायतों की जांच हेतु दल गठित किए गए थे। गठित जांच दल ने उक्त ग्राम पंचायतों में अनेक अनियमितता पाई जिसके बाद कलेक्टर ने कार्रवाई की। 

ग्राम पंचायत मुरादपुरा: कच्चे बिलों से की खरीदी
इस पंचायत की जांच में पाया गया कि इस ग्राम पंचायत द्वारा जांच अवधि में 14वें वित्त से कुल 6 लाख 32 हजार 85 रुपये की खरीदी की गई। इनमें से केवल 60 हजार 810 रुपए की काजू कतली और बर्फी मिठाई खरीदी गई है। संपूर्ण खरीदी कच्चे बिलों से की गई। अजा कल्याण विविध मद में 7.31,778 रुपए की खरीदी की गई एवं 15वें वित्त में 1,44,996 रुपए की खरीदी की गई। इस प्रकार 15 लाख रूपये से अधिक की खरीदी की गई, जिसमें निर्माण सामग्री अधिकांशत: एक ही फर्म संदीप ट्रेडर्स धरमपुरी से खरीदी गई। 

ग्राम पंचायत पुवार्डाहप्पा: सरपंच के परिवार के व्यक्तियों की फर्म से खरीदी
इस ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 2019 से 2021 तक 24,41,107 रुपये की राशि निर्माण सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामान एवं अन्य सामग्री की खरीदी में खर्च की है। उक्त खरीदी अधिकांशत: फर्म हकीम पटेल क्षिप्रा, हकीम पटेल बूढ़ीबरलाई, मेसर्स सिकंदर पटेल (जो स्वयं सरपंच के नाम पर है) से की गई है। उक्त सभी फर्म सरपंच सिकंदर पटेल के परिवार के व्यक्तियों की है। इसके अतिरिक्त 22,500 रुपय् की राशि भृत्य गब्बर के नाम से आहरित की है जबकि उसकी नियुक्ति ही नहीं की गई है।

ग्राम पंचायत कांकरिया बोर्डिया: भुगतान में गड़बड़ी
इस ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 2019 से 2021 तक कुल 8,36,632 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई है। वाउचर क्रमांक 22  6 नंबर 2020 से भाटिया आर्टस सांवेर को पेंटिंग और पुताई कार्य हेतु 12,670 रुपए का भुगतान किया गया परंतु भाटिया आर्ट्स सांवेर से बात करने पर उसने बताया कि उसे मात्र 1100 रुपये दिए है। 

ग्राम पंचायत जिन्दाखेड़ा: जिस फर्म से खरीदी की वह मौके पर मिली ही नहीं
इस ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 2019 से 2021 की अवधि में निर्माण सामग्री व अन्य सामग्री खरीदने पर 36,43,880 रुपये की राशि आहरित की है। इसमें से अधिकांश निर्माण सामग्री ग्राम पंचायत के द्वारा जीवन ट्रेडर्स से ली गई है। जीवन ट्रेडर्स फर्म ग्राम पंचायत के सचिव रामप्रसाद राठौर के पुत्र के नाम से है और उक्त फर्म मौके पर नहीं पाई गई है।

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